6 महीने में 4 बैंकों से लिया था 270 करोड़ का लोन, देश छोड़ने की फिराक में थे आरोपी
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बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में पकड़े गए भारतीय मूल के दो ब्रिटिश नागरिक गुरुग्राम के सुशांत लोक में रहते थे। दोनों ने गोल्फ कोर्स रोड पर नई व पुरानी पोर्से कार का शोरूम बनाया हुआ था। जांच में पता चला कि आरोपियों ने 6 महीने में चार बैंकों से 270 करोड़ रुपये का लोन लिया था, जिसे चुकाने की बजाय वे देश छोड़कर भागने की फिराक में थे।
जानकारी के अनुसार गोल्फ कोर्स रोड पर जेनिका कार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड तथा जेनिका परफॉरमेंस कार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पोर्से कार शोरूम थे, जिसके मालिक ऋषपाल सिंह और मनधीर सिंह थे। इन्होंने बैंकों से नई व पुरानी गाड़ी खरीदने के लिए लोन लिया था।
एचडीएफसी बैंक ने 120 करोड़ रुपये का लोन दिया था। विभिन्न बैंकों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों ने 200 गाड़ियों व गाड़ियों के पार्ट्स खरीदने के लिए करीब 270 करोड़ रुपये का लोन लिया, जिसे वापस करने की बजाय आरोपी देश छोड़कर भागने की फिराक में थे।
90 दिन में चुकाना होता था लोन
नियमानुसार गाड़ी बेचने के 90 दिन में लोन की राशि बैंक को चुकानी होती थी। टेस्ट ड्राइव गाड़ी के मामले में आरोपी 6 महीने तक टेस्ट ड्राइव में गाड़ी प्रयोग करते थे और उसके बाद बेचते थे। इस पर लिए गए लोन को चुकाने की भी यही प्रक्रिया थी।
जांच में हुआ खुलासा
बैंक से लोन लेने के बाद आरोपी हर बार जो दस्तावेज लगाते थे उसमें एचडीएफसी बैंक प्रबंधन को गड़बड़ी लगी। एचडीएफसी बैंक अधिकारियों ने जब आरोपियों के शोरूम पर जांच की तो पता लगा कि लोन पर ली गई गाड़ियों को बेच दिया है। आरोपी के शोरूम में 200 गाड़ियों की खरीद हुई थी जिसमें से 170 गाड़ियों को बेच चुके थे, लेकिन एक भी गाड़ी का लोन नहीं चुकाया।
जांच में खुलासा होने पर दिल्ली पुलिस को शिकायत दी थी। आरोपियों के विदेश भागने की संभावना को देखते हुए एयरपोर्ट पर भी इसकी सूचना दी गई थी। दिल्ली पुलिस ने आरोपियों को एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है।-मनीष सिन्हा, मीडिया प्रभारी, एचडीएफसी बैंक