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ग्रेटर नोएडा: 28 अक्तूबर को कंपनी में लगी थी आग, अभी तक लापता है युवक
Sat, 22 Dec 2018 03:29 AM IST
vivek shukla
ब्यूरो, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 22 Dec 2018 03:29 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ग्रेटर नोएडा थाना क्षेत्र के साइट-5 स्थित एसआरएस मेडिटेक कंपनी में 28 अक्टूबर को लगी आग के बाद से कंपनी में काम करने वाले बरेली निवासी कर्मचारी नूर हसन का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। नूर के परिजनों ने इस मामले में कंपनी मालिक और उसके मौसेरे भाई पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजन आज तक बेटे की बरामदगी को भटक रहे हैं।
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नूर हसन के परिजनों का आरोप है कि करोड़ों की धोखाधड़ी के लिए कंपनी में जानबूझकर आग लगाई गई थी और साजिश के तहत दो युवकों को फैक्ट्री में भेजा गया। परिजनों का दावा है कि इनमें से एक युवक की मौत की पुष्टि हो चुकी है। शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे बरेली के सेंथल निवासी अब्बास हसन ने बताया कि वह और उनका बड़ा भाई नूर हसन एसआरएस (इंजेक्शन बनाने वाली) कंपनी में काम करते थे। कंपनी के मालिक एसएम अस्करी बरेली में उनके पड़ोसी हैं। अस्करी ही उन्हें कंपनी में काम करने के लिए ग्रेटर नोएडा लेकर आए थे।
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अब्बास का आरोप है कि एसएम अस्करी और उनके मौसेरे भाई कामिल ने मोटी रकम हड़पने के लिए कंपनी में आग लगाई थी। परिजनों के मुताबिक इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने दो लोगों को झुलसी हालत में भागते हुए देखा था। पुलिस ऑफिस पहुंचे परिजनों ने कहा कि वह थाने से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं लेकिन आज तक उनके भाई कुछ पता नहीं चला।
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‘आग के दो दिन बाद घर लाया गया था महशर का शव’
अब्बास हसन ने बताया कि 28 अक्टूबर को कामिल कंपनी में काम बताते हुए उसके भाई नूर हसन व महशर अली को साथ ले गया। महशर अली उनके पड़ोस के गांव का रहने वाला था। घटना के दो दिन बाद मशहर का शव जली अवस्था में उसके घर पहुंचाया गया। लेकिन उसके भाई नूर हसन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
किसी कारणवश महशर अली के परिवार वालों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। उसी दौरान नूर हसन के परिजन वहां पहुंचे थे। उस वक्त दोनों परिवारों के बीच हुई बातचीत का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज करा दी गई। कुछ दिन बाद ही मामले की जांच क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई।
बंद फैक्ट्री में लगी थी आग
28 अक्तूबर 2018 की शाम को ग्रेटर नोएडा थाना क्षेत्र के साइट-5 स्थित एसआरएस मेडिटेक कंपनी में भीषण आग लगी थी। आग पर काबू पाने में दमकल विभाग की टीम को दो दिन का वक्त लग गया था। उस वक्त विभाग के अधिकारियों ने किसी केमिकल आदि से आग लगने की आशंका जताई थी। उस दौरान या बाद में पुलिस ने किसी के लापता होने या एफआईआर दर्ज होने की कोई जानकारी नहीं दी थी। बताया गया था हादसे के दौरान कंपनी बंद थी और इससे पहले उसकी मशीन भी कहीं और शिफ्ट कर दी गईं थीं।
मामले की जांच जारी है। परिजनों ने भी मुलाकात की है। लापता युवक का पता लगाने का प्रयास व नामजदों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। - अशोक कुमार, एसपी क्राइम, गौतमबुद्ध नगर
किसी कारणवश महशर अली के परिवार वालों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। उसी दौरान नूर हसन के परिजन वहां पहुंचे थे। उस वक्त दोनों परिवारों के बीच हुई बातचीत का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज करा दी गई। कुछ दिन बाद ही मामले की जांच क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई।
बंद फैक्ट्री में लगी थी आग
28 अक्तूबर 2018 की शाम को ग्रेटर नोएडा थाना क्षेत्र के साइट-5 स्थित एसआरएस मेडिटेक कंपनी में भीषण आग लगी थी। आग पर काबू पाने में दमकल विभाग की टीम को दो दिन का वक्त लग गया था। उस वक्त विभाग के अधिकारियों ने किसी केमिकल आदि से आग लगने की आशंका जताई थी। उस दौरान या बाद में पुलिस ने किसी के लापता होने या एफआईआर दर्ज होने की कोई जानकारी नहीं दी थी। बताया गया था हादसे के दौरान कंपनी बंद थी और इससे पहले उसकी मशीन भी कहीं और शिफ्ट कर दी गईं थीं।
मामले की जांच जारी है। परिजनों ने भी मुलाकात की है। लापता युवक का पता लगाने का प्रयास व नामजदों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। - अशोक कुमार, एसपी क्राइम, गौतमबुद्ध नगर