{"_id":"5f1c6ebbf5623a7a0b05b7de","slug":"man-arrested-in-delhi-for-impersonating-as-indian-army-major","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेना के मेजर का पहचान पत्र दिखाकर पुलिसकर्मियों पर झाड़ रहा था रौब, जांच में पहचान पत्र निकला फर्जी, गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेना के मेजर का पहचान पत्र दिखाकर पुलिसकर्मियों पर झाड़ रहा था रौब, जांच में पहचान पत्र निकला फर्जी, गिरफ्तार
Sat, 25 Jul 2020 11:11 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 25 Jul 2020 11:11 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झगड़े के मामले में थाने में जमानत लेने गए एक युवक को पुलिस पर रौब झाडना महंगा पड़ गया। युवक खुद को सेना का मेजर बताकर सरकारी कर्मचारी को गिरफ्तार नहीं करने की बात कही और पुलिसकर्मियों को अपना पहचान पत्र दिखाया। जांच में पहचान पत्र ही नकली निकला। जमानत लेने आए युवक पर पुलिस ने फर्जीबाड़ा का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में जुट गई है जिसने युवक को पहचान पत्र मुहैया करवाया था।
विज्ञापन
जिला पुलिस उपायुक्त पी के मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान प्रेम नगर निवासी सूरज तिवारी(23) के रूप में हुई है। 23 जुलाई को सूरज के पड़ोस में रहने वाली ज्ञानवती नाम की महिला ने उसपर मारपीट करने की शिकायत दर्ज करवायी। इस मामले में पुलिस ने सूरज तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन जमानती धारा होने की वजह से उसे जमानत लेने के लिए कहा।
विज्ञापन
सूरज ने खुद को सेना का मेजर बताया और पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ते हुए कहा कि वह सरकारी कर्मचारी है और पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकती। सूरज ने पुलिस को सेना के मेजर का एक पहचान पत्र दिखाया। कार्ड की क्वालिटी को देखकर एसआई विकास और साजिद को शक हुआ। उन्होंने कार्ड का सत्यापन किया। जांच में कार्ड फर्जी निकला। पुलिस सूरज के खिलाफ फर्जीबाड़ा का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
पूछताछ में सूरज ने बताया कि स्कूल में पढ़ने के दौरान वह एनसीसी में दाखिला लिया था। इस दौरान उसे आईएमए देहरादून जाने का मौका मिला। जहां सेना का यूनिफार्म देखकर वह प्रभावित हुआ। वह भी सेना का अधिकारी बनना चाहता था। लेकिन उतनी पढ़ाई नहीं कर सका। फिर पौड़ी गढ़वाल में नवीन नाम के युवक से मेजर का फर्जी पहचान पत्र बनवाया। जिसका इस्तेमाल वह पुलिस के चालान से बचने के लिए करता था। पुलिस नवीन की तलाश कर रही है।