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मेवात में शौचालय निर्माण पहली प्राथमिकता: डीसी
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 27 Mar 2016 09:00 AM IST
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शौचालय
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नगीना जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को देखने वाले और मेवात में अतिरिक्त उपायुक्त रहे मनीराम शर्मा के उपायुक्त बन जाने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता मेवात के गांवों में शौचालय बनवाने की होगी।
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फिलहाल विभाग प्रोत्साहन के तौर पर 12 हजार रुपये दे रहा है लेकिन फिर भी लोगों का रुझान निजी शौचालयों की तरफ नहीं बढ़ पा रहा है। विधानसभा में एक सवाल के जवाब में सरकार के मंत्री ने मेवात में केवल 20 प्रतिशत घरों में ही शौचालय होने की बात कही।
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ये भी कहा कि 80 फीसदी घरों में शौचालय बनाने की कार्यवाई की जा रही है। बताना जरूरी है कि मेवात में एडीसी के पद पर रहते हुए मनीराम शर्मा ने गांवों में खुले में शौच करने वाली प्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए अभियान चलाया था।
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वे गांवों में अंधेरे में ही पहुंच जाते थे और लोगों को खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के बारे में बताते थे। उनकी मेहनत से पिछले साल हजारों घरों में शौचालय बन गये।
अब उनके जिला उपायुक्त बन जाने से ये जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई है। डीसी मनीराम शर्मा कहते हैं कि शौचालय निर्माण से महिलाओं और बच्चों में होने वाली बीमारियां कम हो जाती हैं। साथ ही पेयजल की शुद्धता भी बढ़ जाती है। देहात में शौचालय निर्माण कठिन चुनौती है लेकिन लोगों को समझाकर इस समस्या से निपटा जायेगा।
जागरूकता से अकाल मौतों पर लगेगी रोक
नगीना। एनजीओे सहगल फाउंडेशन और रेडियो अल्फाज-ए-मेवात की तरफ से गांव मरोड़ा और ढ़ाढ़ोली कलां में टीबी रोग से बचाव के लिए रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व संचार अधिकारी सोनिया चोपड़ा ने किया। उन्होंने कहा कि क्षय रोग का इलाज सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिलता है प्राईवेट अस्पतालों का इलाज मंहगा है। इस अवसर पर ढ़ाढ़ोली कलां के पूर्व सरपंच अली मोहमद, रेडियो प्रभारी सोहराब खां, साकिर हुसैन, पूर्व सरपंच इलियास, हाजी मजीद आदि गण्यमान्य लोग रैली में उपस्थित रहे।
45 दिन में भी नहीं पहुंची चिट्ठी
नगीना। डाक विभाग की लापरवाही के कारण 45 दिन में भी एक पत्र तीन किलोमीटर की दूरी तय नहीं कर पाया। शिकायतकर्ता फजरूदीन ने इसकी एक शिकायत उपायुक्त, एसडीएम, परिमंडल पोस्टमास्टर, थाना प्रभारी को भेजकर मामले में कार्यवाई की गुहार लगाई है। आरोप है कि उसने छह फरवरी 2016 को नगीना डाकघर से बीडीपीओ नगीना को एक चिट्ठी भेजी थी वह चिट्ठी इस कार्यालय को 45 दिन तक प्राप्त नहीं हुई। जबकि 20 मार्च 2016 को चिट्ठी शिकायतकर्ता के पते पर पहुंच गई। डाकघर प्रभारी महेश का कहना है कि जांच चल रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाई होगी।