‘ऐसी तैयारी करें कि बारिश का स्वागत करे दिल्ली’
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों से कहा है कि मानसून, जलभराव और बाढ़ को लेकर ऐसी तैयारी करें कि दिल्ली के लोग बारिश से डरे नहीं बल्कि स्वागत करें।
मानसून की दिक्कतों को दूर करने के लिए लघु अवधि उपाय के बजाय ऐसे दीर्घकालीन उपाय करें कि पानी निकालने के लिए पंप लगाने की जरूरत न पड़े। बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री गोपाल राय,कपिल मिश्रा, संदीप कुमार भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने डीडीए, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग की तैयारी का प्रजेंटेशन भी देखा। केजरीवाल ने सभी विभागों को एकजुट होकर दिल्ली की भलाई करने के लिए काम करने को कहा।
निर्माण कूड़ा फेंके जाने के कारण जो दिक्कतें सामने आ रही हैं, इस पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण मलबा निपटाने की सही व्यवस्था की जानी चाहिए।
खतरे के निशान की तरफ बढ़ा यमुना का जलस्तर
बैठक में मुख्यमंत्री मानसून में यमुना के बढ़ते जलस्तर की जानकारी भी ली। शनिवार को यमुना का जलस्तर 202.56 मीटर था जो सोमवार शाम 7 बजे 204.14 मीटर पहुंच गया है।
यमुना में खतरे का निशान 204.83 माना जाता है। यही वजह है कि अधिकारियों को पूरा ध्यान रखने केलिए कहा गया है। अक्सर मंत्रियों को अलग-अलग जगह की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी जाती थी,इस बार ऐसा नहीं है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सीधी निगरानी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों से कहा है कि जनता की बारिश से पानी भरने और अन्य तरह की शिकायतों का समाधान जल्द से जल्द करें। उन्होंने कहा कि जल अनमोल है, बारिश के पानी को संरक्षित करने पर ध्यान दें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सामान्य वर्षों के औसत की बात करें तो 47 फीसदी बारिश हो चुकी है लेकिन पिछले वर्षों के मुकाबले जल निकासी और परेशानी में हालात अच्छे रहे हैं।