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मुस्लिम बेटियों को इस्लामी हक दिलाने के लिए होगी चार राज्यों की महापंचायत

Mon, 27 Feb 2017 04:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Mon, 27 Feb 2017 04:08 PM IST
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mahapanchayat will be held on 5 march for Islamic right to Muslim daughters
demo pic - फोटो : अमर उजाला

मेवात की बेटियों को दहेज नहीं बल्कि इस्लामी हक दिलाने को लेकर 5 मार्च को पुन्हाना में महापंचायत का आयोजन किया जाऐगा। इस बारे में रविवार को पुन्हाना कि मरकज वाली मस्जिद में मुफ्ति सईद नंई कि अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया।

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बेठक में कई पूर्व विधायक, समाजसेवी, सरपंच और प्रमुख लोगो ने लिया फैसला। महापंचायत के आयोजन की जिम्मेवारी गांव रावली के लोगों को सौंपी गई। महापंचायत के प्रचार और गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने के लिये भी दस टीमों का गठन किया गया।
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महापंचायत में मेवात जिला के 443 गावों के 317 ग्रामपंचायत, दिल्ली, हरियाणा के पलवल, फरीदाबाद, गुड़गांव, राजस्थान के अलवर और भरतपुर तथा उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले में बसने वाले मेवात मुस्लिम समाज के लोगों को इस महापंचायत के लिये आमंत्रित किया जा रहा है। हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के इन जिलो में करीब 40 लाख मेव मुस्लिम जाति के लोग आबाद हैं।

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इस्लाम धर्म में दहेज देने और लेने का कोई प्रावधान नहीं हैं

mahapanchayat will be held on 5 march for Islamic right to Muslim daughters
demo pic - फोटो : अमर उजाला

इस्‍लाम धर्म के जानकार मुफ्ति सईद और मुफ्ति सलीम ने बताया कि इस्‍लाम धर्म में दहेज देने और लेने का कोई प्रावधान नहीं हैं। बल्कि इस्‍लाम धर्म कि पवित्र किताब कुरआन पाक में बेटियों को उनके मां-बाप और पति की जायजाद में से हिस्सा देने का हुक्म हैं।

कुरान के इस हुक्म कि हरियाणा के मेवात, गुडगांव, फरीदाबाद और पलवल जिलो में पालना नहीं कि जाती है बल्कि देश के सभी मुस्लिम और मेव समाज कि बेटियों को उनके मां-बाप कि जमीन में हिस्सा दिया जाता है।

मेवात के मुस्लिम लोग अपनी बेटी को मां-बाप की जायदाद में से कोई हिस्सा नही देते बल्कि दहेजके नाम कर खानापूर्ति कर देते हैं। उनका कहना है कि इस महापंचायत का मकसद यही है कि इसलाम धर्म के मुताबिक ही बेटियों को उनका हक दिलाया जाये और दहेज कि रस्म को बंद किया जाये।

इस्लाम धर्म में शादी को सबसे आसान काम बताया गया है

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demo pic - फोटो : अमर उजाला

पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान, कांग्रेस प्रदेश सचिव सहाब खां पटवारी, हाजी अखतर काटपुरी का कहना है कि इस्लाम धर्म में शादी को सबसे आसान काम बताया गया है लेकिन मेवात में दहेज के नाम पर इसे जटिल बना दिया गया है।

उनका कहना है कि मेवात के सभी राजनेता, समाजसेवी और प्रमुख लोग उलेमाओं के साथ हैं वो जो भी फैंसला लेंगें उनको मजबूती से लागू कराया जाऐगा।
इस मौके पर पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान, कांग्रेस प्रदेश सचिव सहाब खां पटवारी, मुफ्ति सईद नई, मुफित सलीम, हाजी अखतर काटपुरी, हाजी सुभान खां, इब्राहीम इंजिनियर, जिला पाषर्द तारीफ खुरशीद, पंचायत समिति पुन्हाना के चेयरमैन इरशाद, नसरूदीन बैंक मैनेजर, हाजी बरकत बिछौर, अखतर रावलकी, अखतर एडवोकेट, तैयब सरपंच, रफीक ऐडवोकेट, नौमान औथा, हुमायू कबीर, डाक्टर अशफाक, रसीद खान सहित काफी प्रमुख लोग बेठक में मौजूद थे।

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