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मोदी से लेकर योगी तक सबसे लगाई गुहार पर इस मां की किसी ने नहीं सुनी पुकार

Wed, 17 May 2017 05:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बदायूं
ब्यूरो/अमर उजाला, बदायूं Updated Wed, 17 May 2017 05:14 PM IST
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lost jnu student najeeb mother hopes that cbi will bring back his son as modi to yogi noone help her
नजीब की मां - फोटो : सोशल मीड‌िया

जेएनयू के छात्र नजीब अहमद गुमशुदगी मामले की जांच सीबीआई को देने पर जेएनयू में खुशी का माहौल है। नजीब की मां, जेएनयू छात्रसंघ, अध्यापक संघ और एबीवीपी ने फैसले का स्वागत किया है।

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नजीब की मां फातिमा नफीस का कहना है कि पुलिस ने मेरे बेटे को तलाशने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब जांच सीबीआई करेगी, तो एक बार फिर उम्मीद बंधी है कि मैं अपने बेटे से मिल सकूंगी। पुलिस अधिकारी जांच के बारे में परिवार को कभी जानकारी ही नहीं देते थे।
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मेरा दिल कहता है कि मेरा बच्चा जहां भी है सुरक्षित है और सीबीआई अब ढूंढकर लाएगी। अगर मेरे पास कोई जानकारी होती तो क्या मैं भटक रही होती? मैं सिसक रही होती?
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मैं हर लम्हा अपने बच्चे के लिए यही दुआ करती रहती हूं कि मेरा बच्चा जहां भी हो अल्लाह की हिफ़ाज़त में हो। जेएनयू के साथियों के साथ हम सीबीआई के प्रमुख से गुरुवार को मिलेंगे।

हालांकि अभी वक्त तय नहीं हुआ है। सीबीआई से यही मांग होगी कि जल्दी से जल्दी मेरे बच्चे को लाया जाए। जो गुनहगार हैं, उनसे सवाल किए जाएं। उन्हें इस तरह कैसे छोड़ा जा सकता है?

'केजरीवाल बेचारे की कोई औकात नहीं और राजनाथ की SIT हो गई फेल'

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केजरीवाल से म‌िली जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद की मां - फोटो : अमर उजाला

लोग मुझसे ये सवाल करते हैं कि आपने पुलिस से शिकायत नहीं की? मैं क्या जवाब दूं उन लोगों को? मैं कैसे समझाऊं उन लोगों को कि मैं हर मुमकिन कोशिश कर चुकी हूं। जिस तरह से कर सकती थी, किया।

मैं यही उम्मीद करती हूं कि सीबीआई को दो महीने का वक्त मिला है। वो मेरे और मेरे बच्चे के हक में जानकारी लेकर आएंगे। हो सकता है वो मेरे बच्चे को ले ही आएं। मैं राजनाथ सिंह से मिली थी। उन्होंने कहा था कि हमने एसआईटी बनाई है। वो काम कर रही है। वो एसआईटी फ़ेल हो गई। क्राइम ब्रांच फ़ेल हो गया।

जो चीज़ें सरकार के अधीन हैं, अगर वो फ़ेल हो रही हैं तो कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ी है। अब यही साबित करना है कि क्या सरकार चाहती है कि मेरा बच्चा सामने लाया जाए? अगर चाहती है तो ज़रूर लाया जाएगा वो।

मैंने किसी से कोई मदद नहीं ली है। केजरीवाल बेचारे की कोई औकात नहीं जो मेरी मदद कर सके किसी भी तरह से। मेरी मदद बंदायू के सांसद धर्मेंद यादव ने की जिन्होंने दिल्ली आकर प्रदर्शन किया। डीयू के बच्चे, अलीगढ़ के बच्चे, जेएनयू के बच्चे यही मेरे अपने हैं।

मदद चाहिए थी तो हुकूमत से चाहिए थी जिसने आज तक वक्त नहीं दिया मिलने का। सुषमा स्वराज को मैंने हज़ारों ट्वीट किए। वो विदेशों से लोगों को छुड़ाती हैं।

'मोदी जी से म‌िलने की कोश‌िश की और योगी से भी पर...'

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अपने देश में क्या हो रहा है, वो ये नहीं देख रही हैं। कितनी बार मैंने उनसे मिलने की कोशिश की। कितनी बार ट्वीट कराया अपने बच्चों से। मोदी जी से मिलने की कोशिश की।
मैंने योगी जी से मिलने के लिए नौ अप्रैल को मेल कराया। मेरी बात का जवाब कोई क्यों नहीं देना चाहता। नजीब के मामले में सब चुप क्यों हो जाते हैं?

नजीब एक हिंदुस्तानी है। देश की नंबर एक यूनिवर्सिटी से उसका ताल्लुक है। वो यहां का छात्र है। क्या इनकी ज़िम्मेदारी नहीं है? विदेशों से यहां लोग पढ़ने आते हैं। क्या ये हमारे देश की बदनामी नहीं है? एक मां को नहीं समझें। कम से कम अपने मुल्क के बारे में ही सोच लें। मेरा परिवार तितर-बितर हो गया है। मैं कभी दिल्ली होती हूं, कभी बदायूं होती हूं।

पिछले तीन महीने से धक्के खा रही हूं। बीमार हूं। शुगर पेशेंट हूं। हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत है। हर सुनवाई पर मुझे दिल्ली आना होता है। मेरा यहां रहने का कोई ठिकाना नहीं है। कोर्ट ने आदेश दिया था कि इन्हें रहने की जगह दी जाए।

दिल्ली सरकार वो भी नहीं कर सकी। रिश्तेदारों के यहां इधर-उधर भटकती हूं। इतनी मालदार तो हूं नहीं कि एक फ़्लैट ख़रीदकर उसमें रहना शुरू कर दूं। मामला सीबीआई के पास गया तो पता नहीं अब कितने चक्कर लगाने होंगे। जब सीबीआई तलब करेगी तब यहां आना होगा।

 

छात्रसंघ ने भी बताया अच्छा कदम

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नजीब की मां - फोटो : जी पॉल/अमर उजाला

छात्रसंघ अध्यक्ष मोहित कुमार पांडेय ने कहा कि हम लोग कोर्ट की निगरानी में जांच कराए जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन यह भी अच्छा कदम है। हालांकि मोहित ने जांच प्रभावित किए जाने की आशंका भी जताई है।

उनका कहना है कि सीबीआई केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है। ऐसे में उसकी जांच को प्रभावित किया जा सकता है। जेएनयू अध्यापक संघ की अध्यक्ष आयशा किदवई को उम्मीद है सीबीआई नजीब को ढूंढने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

वहीं, जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी सौरभ शर्मा का कहना है कि पुलिस पांच छात्रों को शक के आधार पर परेशान करती रही। जबकि पुलिस को कैंपस समेत नजीब के साथ रहने वाले छात्रों से जानकारी एकत्रित करनी चाहिए थी। अब सीबीआई जांच करेगी, तो सही जानकारी सामने जाएगी।

सात महीने पहले जेएनयू कैंपस से लापता हो गया था नजीब

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पुल‌िस मुख्यालय पर आईसा के छात्रों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी कैंपस से लापता एमएससी बायो टेक्नोलॉजी के छात्र नजीब के मामले में सीबीआई जांच के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का नजीब के परिवार वालों ने स्वागत किया है।

नजीब की मां फातिमा नफीस और भाई मुजीब का कहना है कि कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन उनको संतुष्टि तभी मिलेगी जब नजीब की सकुशल घर वापसी हो जाएगी। उनका कहना है कि सीबीआई को अपनी जांच जल्द पूरी करनी चाहिए। फातिमा नफीस का यह भी कहना है कि उन्हें दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं था। इसी वजह से वह कोर्ट गईं।

शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला वेदोंटोला निवासी नफीस अहमद बढ़ई का काम करते हैं। उनका बेटा नजीब जेएनयू से एमएससी कर रहे हैं। वहां वह जेएनयू कैंपस के माही-मांडवी हॉस्टल के रूम नंबर 106 में रहता था। करीब सात महीने पहले 14 अक्तूबर को नजीब का जेएनयू कैंपस में ही एक छात्र गुट से विवाद हो गया था।

इसके बाद 15 अक्तूबर को नजीब वहां से लापता हो गए। दिल्ली के थाना वसंतगुंज नॉर्थ में उनके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। नजीब की बरामदगी को लेकर देश भर में प्रदर्शन हुए। जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने बदायूं में भी नजीब की बरामदगी को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था। नजीब के परिवार वाले लगातार दिल्ली पुलिस पर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को बचाने का आरोप लगा रहे थे।

नजीब मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के लिए परिवार ने कोर्ट की शरण ली थी। मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने नजीब मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया। नजीब के परिवार वालों ने कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है। हालांकि, वह यह भी कहते हैं कि ईमानदारी से पूरे मामले में अगर जांच होती है तो सच्चाई सामने आ जाएगी। 

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