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साइबर ठगी का शिकार बना बस चालक, खाते से उड़ गए 6.80 लाख
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 07 Dec 2018 04:52 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बस चालक के खाते से ठगों ने जिंदगी भर की जमा पूंजी 6.80 लाख रुपये निकाल लिए। यह पैसे यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) से 7 बार में ट्रांसफर किए गए। जबकि चालक ने कभी इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल नहीं किया। उसके पास स्मार्ट फोन भी नहीं है। पीड़ित जब बुधवार को पैसे निकालने एटीएम गया तो इस बारे में पता चला। पीड़ित ने सेक्टर-20 पुलिस से मामले की शिकायत की है।
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लखनऊ निवासी मोहन लाल सेक्टर-12 में किराए पर रहते हैं और दिल्ली से लखनऊ जाने वाली प्राइवेट बस चलाते हैं। उनका सेक्टर-2 स्थित भारतीय स्टेट बैंक में खाता है। मोहन लाल ने बताया कि उन्होंने जिंदगी भर की कमाई इसी खाते में रखी थी।
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बुधवार को वह डेबिट कार्ड से पैसे निकालने के लिए एटीएम गए थे, लेकिन वहां पैसे नहीं निकले। इसके बाद सेक्टर-2 स्थित बैंक गए। वह अपने खाते की पासबुक अपडेट कराई तो पता चला कि उनके खाते में एक भी पैसा नहीं है। जब वह बैंक अधिकारियों के पास गए तो बताया गया कि यह यूपीआई के माध्यम से किया गया फ्रॉड है।
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यूपीआई फ्रॉड के मामले बढ़े
यूपीआई से शहर में फर्जीवाड़े के मामले सामने आ रहे हैं। हर सप्ताह तीन से चार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। दो महीने में इस तरह की डेढ़ दर्जन शिकायतों पर साइबर क्राइम सेल काम कर रहा है। इसके लिए साइबर सेल की टीम विशेषज्ञों से मदद ले रही है, लेकिन अब तक इस तरह के फर्जीवाड़े करने वाले नहीं पकड़े गए। इस तरह की धोखाधड़ी को एसएसपी ने गंभीरता से लिया है और इसमें जांच तेजी से करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है यूपीआई
यूपीआई एक भुगतान प्रणाली है। यह अलग-अलग बैंक से लेनदेन को सुविधाजनक बनाता है। इस पर भारतीय रिजर्व बैंक का नियंत्रण है। इस प्रणाली से मोबाइल प्लेटफॉर्म पर दो बैंक खातों के बीच तुरंत धनराशि स्थानांतरित होती है। यह तत्काल तत्काल भुगतान सेवा है जो सार्वजनिक छुट्टियों में भी उपलब्ध है। इस प्रणाली में उपभोक्ता को वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (बैंक द्वारा प्रदान की गई एक आईडी), आईएफएस कोड के साथ खाता संख्या, एमएमआईडी (मोबाइल मनी आइडेंटिफायर), आधार संख्या या मोबाइल नंबर देना होता है।
क्या है यूपीआई
यूपीआई एक भुगतान प्रणाली है। यह अलग-अलग बैंक से लेनदेन को सुविधाजनक बनाता है। इस पर भारतीय रिजर्व बैंक का नियंत्रण है। इस प्रणाली से मोबाइल प्लेटफॉर्म पर दो बैंक खातों के बीच तुरंत धनराशि स्थानांतरित होती है। यह तत्काल तत्काल भुगतान सेवा है जो सार्वजनिक छुट्टियों में भी उपलब्ध है। इस प्रणाली में उपभोक्ता को वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (बैंक द्वारा प्रदान की गई एक आईडी), आईएफएस कोड के साथ खाता संख्या, एमएमआईडी (मोबाइल मनी आइडेंटिफायर), आधार संख्या या मोबाइल नंबर देना होता है।