दिल्ली में जाम से त्राहिमाम: तीन KM का सफर घंटों में तय, टिकट लेने आ रहे कांग्रेस के नेता भी फंसे
दिल्ली में आज भारी भारी के बाद कई सड़कों पर लंबा जाम लग गया। जिसकी वजह से हरियाणा से टिकट के लिए दिल्ली आए कांग्रेस के कई नेता जाम में फंस गए। अभी भी बारिश जारी है और जाम की स्थिति बनी हुई है।
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देश की राजधानी में दिल्लीवालों पर अभी फिलहाल मानसून मेहरबान है। शुक्रवार को सुबह 11 बजे हुई बारिश की वजह के दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर गया तो वहीं कई सड़कों पर लंबा जाम तक लग गया। इसी बीच धौला कुआं से महिपालपुर रोड तक लंबा जाम लग गया है। जाम की वजह से लोगों को तीन किलो मीटर का सफर एक घंटे में तय करना पड़ा। बसे बड़ी बात यह रही कि इस जाम में हरियाणा से टिकट लेने आ रहे कांग्रेस के कई नेता भी फंस गए।
मिली जानकारी के मुताबिक, बारिश के कारण नेशनल हाईवे-8 पर लगा लंबा जाम लगा हुआ है। धौला कुआं से महिपालपुर रोड तक जाम लगा हुआ है। जिसकी वजह से गाड़ियां सड़कों पर रेंगती नजर आ रही है।
दिल्ली के जाम में हरियाणा कांग्रेस के नेता फंसे
बता दें कि जाम में नांगल चौधरी विधानसभा से दिल्ली आए कई नेता जाम में फंसे हुए हैं। मौजूदा स्थिति अभी भी जाम की बनी हुई है। जाम में फंसे लोगों को एक घंटे में तीन किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। इस जाम में कांग्रेस के कई बड़े नेता भी फंसे हुए हैं। वह टिकट लेने के लिए दिल्ली कार्यालय आ रहे हैं। यह नेता हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए टिकट की मांग को लेकर दिल्ली कार्यालय आ रहे हैं। सभी नेता हरियाणा से हैं।
#WATCH | Traffic jam in parts of Delhi as a result of rains and waterlogging; visuals from South Moti Bagh area pic.twitter.com/Bz2c8gE65j
— ANI (@ANI) August 23, 2024
दिल्ली में मानसून मेहरबान
बीती 22 अगस्त तक दिल्ली में 269.9 मिमी बारिश हुई है, जो कि 2014 के बाद सबसे अधिक है। 2014 के अगस्त माह में 139.1 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। साथ ही, 2012 के बाद इस माह में सबसे अधिक 20 दिन बारिश दर्ज की गई है। 2012 में कुल 22 दिन बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि, इस माह में अभी नौ दिन बाकी हैं। मौसम विभाग की मानक वेधशाला सफदरजंग में सिर्फ तीन अगस्त का दिन ही ऐसा रहा है, जब बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक अधिक बारिश की वजह बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक निम्न दबाव का क्षेत्र रहा। मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में आगे बढ़ते हुए यह गहरे दबाव में बदल गया। इस डीप डिप्रेशन का अवशेष चक्रवाती परिसंचरण 16 अगस्त तक पूर्वोत्तर राजस्थान क्षेत्र पर मंडराता रहा, जिससे 7-16 अगस्त की अवधि में दिल्ली में मध्यम वर्षा हुई।