Loksabha Election : दिल्ली में भाजपा का नए चेहरों पर दांव, उम्मीदवारों की पहली सूची में जातीय समीकरण भी साधा
पांच सीटों में से चार पर नए प्रत्याशी को सियासी पिच पर उतारकर भाजपा ने चौंका दिया है। चारों पहली बार लोकसभा के चुनाव में दो-दो हाथ करेंगे। दिलचस्प यह कि चारों सीटों की जातीय और क्षेत्रीय समीकरण से भी पार्टी ने छेड़छाड़ नहीं की है।
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लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची में भाजपा ने दिल्ली में नए चेहरों पर दांव लगाया है। पांच सीटों में से चार पर नए प्रत्याशी को सियासी पिच पर उतारकर भाजपा ने चौंका दिया है। चारों पहली बार लोकसभा के चुनाव में दो-दो हाथ करेंगे। दिलचस्प यह कि चारों सीटों की जातीय और क्षेत्रीय समीकरण से भी पार्टी ने छेड़छाड़ नहीं की है। नए उम्मीदवार उस समीकरण में एकदम से फिट बैठते हैं, जिससे वर्ष 2019 में पार्टी ने दिल्ली का सियासी किला फतह किया था।
नई दिल्ली सीट से मौजूदा सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी की जगह बांसुरी स्वराज को उम्मीदवार बनाया है। लेखी भी पंजाबी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। वहीं, पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा का टिकट काट कर कमलजीत सहरावत पर पार्टी ने दांव लगाया है। दोनों जाट समुदाय से आते हैं।
इसी तरह गुर्जर प्रभुत्व वाले दक्षिणी दिल्ली लोकसभा से सांसद रमेश बिधूड़ी की जगह रामवीर सिंह बिधूड़ी मैदान में हैं। लिहाजा सधी हुई राजनीति के तहत भाजपा ने जाट और गुर्जर मतदाताओं को साधा है। इस तरह से पार्टी ने दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश व हरियाणा राज्य के जाट व गुर्जर को भी अपने पाले में करने की कोशिश की है। दिल्ली-6 यानी चांदनी चौक लोकसभा से व्यापारी नेता प्रवीण खंडेलवाल को टिकट देकर देश के व्यापारियों को संदेश दिया है। यहां भी पार्टी ने उम्मीदवार के जातीय समीकरण से किसी तरह का बदलाव नहीं किया है।
सांसद डॉ. हर्षवर्धन की तरह खंडेलवाल भी वैश्य समाज से आते हैं जो भाजपा का कैडर वोट माना जाता है। व्यापारिक नेता खंडेलवाल कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महामंत्री हैं। उधर, उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी को तीसरी बार उम्मीदवार बना कर पार्टी ने पूर्वांचल के मतदाताओं को अपने पाले में किया है। तिवारी का प्रभाव न सिर्फ दिल्ली, बल्कि देश भर में फैले पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले मतदाताओं पर है। माना जा रहा है कि इसी वजह से भाजपा ने मौजूदा पांच में से सिर्फ एकमात्र सांसद तिवारी पर भरोसा जताया है।
पहली बार लड़ेंगे लोकसभा चुनाव
भाजपा ने दिल्ली की सियासी पिच पर सियासत के नए धुरंधरों पर बाजी लगाई है। पांच में से चार उम्मीदवार पहली बार लोकसभा चुनाव के मैदान में होंगे। दिवंगत सुषमा स्वराज की पुत्री बांसुरी स्वराज पिछले साल ही भाजपा में सक्रिय हुई हैं। स्वराज दिल्ली प्रदेश में पहली बार मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रही है। जबकि प्रवीण खंडेलवाल की पहचान राजनेता से ज्यादा व्यापारी नेता के तौर पर है। कमलजीत सहरावत ने सीधे एमसीडी से लोकसभा सीट पर छलांग लगाई है। सहरावत एमसीडी पार्षद व दक्षिणी दिल्ली की पूर्व मेयर और वर्तमान में प्रदेश भाजपा महामंत्री हैं।
- दिल्ली विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी भी पहली बार लोकसभा के लिए ताल ठोंकेंगे। इन्होंने अपना कैरियर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरू किया और 1970 से जनसंघ के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम किया। 1993 में बिधूड़ी दिल्ली की पहली विधानसभा के सदस्य चुने गए और सर्वश्रेष्ठ विधायक की उपाधि से सम्मानित हुए।
आधी आबादी को मिली भागीदारी :
पहली लिस्ट में आधी आबादी की भी मजबूत भागीदारी है। पांच में से दो महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी का इस बार टिकट कट गया है। इनकी जगह बांसुरी स्वराज को मौका दिया है। दिलचस्प यह कि आम आदमी पार्टी के चार उम्मीदवारों में एक भी महिला नहीं है। इस तरह से आम आदमी पार्टी को राजनीति बिसात पर घेरने का काम किया है।
खंडेलवाल पर भरोसा जता देश भर के व्यापारिक जगत पर नजर
भाजपा ने अपनी पहली लिस्ट में कोर वोटर को भी निराश नहीं किया है। वैश्य बहुल चांदनी चौक क्षेत्र से प्रवीण खंडेलवाल पर भरोसा जताकर भाजपा ने कोर वोटर का साथ बनाए रखने की कोशिश की है। खास बात यह कि खंडेलवाल की राष्ट्रीय स्तर पर व्यापारियों में पकड़ है। अपने व्यापारिक संगठन कैट के जरिये वह व्यापारियों से जुड़े अलग-अलग मसलों को आवाज देते रहे हैं। माना जा रहा है कि खंडेलवाल को मैदान में उतारकर भाजपा पूरे देश में फैले व्यापारियों पर निशाना साधा है। इस तुरुप के पत्ते से भाजपा ने अगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर भी संकेत दिया है। बीते विधानसभा चुनाव में मजबूत पकड़ वाले वैश्य बाहुल क्षेत्र में भी हार का सामना भाजपा को करना पड़ा था। खंडेलवाल को टिकट मिलने से एक बार फिर कोर वोटरों पर भाजपा की मजबूती को बढ़त मिलने की उम्मीद है।
दो सीटों पर टिकीं निगाहें, अक्षय और सहवाग के नामों की चर्चा
पांच सीटों से उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब दो सीटों पर निगाहें टिकी हैं। ज्यादा उम्मीद यही है कि भाजपा इन पर भी नए चेहरे उतारेगी। वजह यह कि पूर्वी दिल्ली के मौजूदा सांसद व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने खुद ही चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। वहीं, आरक्षित उत्तर पश्चिमी दिल्ली से हंसराज हंस को भी टिकट मिलने की गुंजाइश कम है। माना जा रहा है कि उनको दिल्ली के बाहर की किसी सीट से लड़ाया जा सकता है। दोनों सीटों का प्रतिनिधित्व अभी अपने-अपने क्षेत्र के सेलिब्रिटी कर रहे हैं। संभव है कि इस बार भी भाजपा इन सीटों पर सेलिब्रिटी को ही उतारे। अभी जो नाम चर्चा में हैं, उसमें क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग भी शामिल हैं। वहीं, अक्षय कुमार का भी नाम भी लिया जा रहा है। पूर्वी दिल्ली से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वींरेद्र सचदेवा का भी नाम चर्चा में हैं। प्रीता कांग्रेस की टिकट पर आगरा लोकसभा से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ चुकी है।
उम्मीदवारों पर एक नजर
- कमलजीत सहरावत
द्वारका-बी से पार्षद कमलजीत सहरावत पश्चिमी दिल्ली से भाजपा की मजबूत महिला नेता मानी जाती हैं। जब दिल्ली में जब तीन नगर थे, उस दौरान उन्हें दक्षिणी दिल्ली नगर निगम का मेयर (वर्ष 2017-18) बनाया गया था। वह निगम की नेता सदन के अलावा कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं। जाट समुदाय से ताल्लुक रखने वाली सहरावत प्रदेश भाजपा की महामंत्री हैं।
- प्रवीण खंडेलवाल
चांदनी चौक से भाजपा के उम्मीदवार बने प्रवीण खंडेलवाल कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव हैं। यह व्यापारियों और एसएमई क्षेत्र का राष्ट्रीय स्तर का संगठन है। उन्होंने साल 1980 में दिल्ली के रामजस कॉलेज से बीए किया। इसके बाद 1983 में एलएलबी किया। वह लंबे समय से व्यापारियों के लिए काम कर रहे हैं। चांदनी चौक क्षेत्र में व्यापारियों की संख्या काफी ज्यादा है।
- बांसुरी स्वराज
पेशे से वकील बांसुरी स्वराज दिवंगत पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी हैं। उन्होंने लंदन से स्नातक और कानून की डिग्री हासिल की है। इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से मास्टर की डिग्री हासिल की है। बांसुरी दिल्ली बार काउंसिल में 2007 में शामिल हुईं। वह सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रही हैं। इसके साथ ही प्रदेश भाजपा में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
- मनोज तिवारी
भोजपुरी गायक और अभिनेता मनोज तिवारी पिछले दस साल से भाजपा की टिकट पर सांसद हैं। भोजपुरी गायन में उनका खासा नाम रहा है। कई भोजपुरी फिल्म में भी उन्होंने काम किया। उन्हेें पहली बार साल 2014 में भाजपा ने टिकट दिया था। चुनाव में जीतने के बाद वह दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी रहे।
- रामवीर सिंह बिधूड़ी
गुर्जर समाज से ताल्लुक रखने वाले बिधूड़ी दक्षिणी दिल्ली से चार बार विधायक चुने जा चुके हैं। रामवीर सिंह बिधूड़ी मौजूदा समय में दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को आठ सीट मिली। इस चुनाव के बाद भाजपा ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया था। वह दक्षिणी दिल्ली के मजबूत नेता माने जाते हैं।
भाजपा के उम्मीदवारों ने पीएम का किया धन्यवाद
नई दिल्ली। दिल्ली में लोकसभा सीटों के लिए भाजपा द्वारा घोषित पांच उम्मीदवारों ने दावा किया कि पार्टी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम के दम पर 400 का आंकड़ा पार करेगा। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज ने उन्हें जिम्मेदारी देने के लिए पीएम मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। पहली बार चुनाव लड़ रही राजनेता ने कहा कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को हल्के में नहीं लिया है।
- पश्चिमी दिल्ली से भाजपा उम्मीदवार कमलजीत सहरावत ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र के लिए उनके नाम की घोषणा उनके लिए बड़ा आश्चर्य थी। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि यह अवसर उन्हें दिया जाएगा। पार्टी के किसी भी अन्य सामान्य कार्यकर्ता की तरह काम कर रही थी। चांदनी चौक से भाजपा उम्मीदवार प्रवीण खंडेलवाल ने विश्वास जताया कि वह रिकॉर्ड अंतर से जीतेंगे। उन्होंने कहा कि चांदनी चौक में कोई चुनौती नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया काम खुद बोलता है।