{"_id":"5c9ff929bdec22146b5ec640","slug":"lok-sabha-elections-2019-yogi-adityanath-rally-in-ghaziabad-and-gautambudhnagar","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चुनावी रण में आज होंगी सीएम की दो जनसभाएं, गाजियाबाद और नोएडा में बरसेंगे योगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनावी रण में आज होंगी सीएम की दो जनसभाएं, गाजियाबाद और नोएडा में बरसेंगे योगी
Sun, 31 Mar 2019 07:53 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 31 Mar 2019 07:53 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहले चरण के चुनाव प्रचार के लिए आज सीएम योगी आदित्यनाथ की पश्चिमी यूपी की दो बड़ी लोकसभा सीटों गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर में दो बड़ी जनसभाएं करेंगे। गाजियाबाद में दोपहर सवा एक बजे घंटाघर रामलीला मैदान में जनता को संबोधित करेंगे।
इसके बाद गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट के बिसाहड़ा-दादरी में चुनावी सभा के लिए रवाना होंगे। बता दें कि पहले गाजियाबाद में सीएम की रविवार को दो जनसभाएं होनी थीं, लेकिन पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की सलाह पर देर रात कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है।
अब लोनी में होने वाली सभा तीन अप्रैल को होगी। पार्टी की तरफ से जनसभाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की गई है। मतदान से 11 दिन पहले होने जा रही जनसभाओं का काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में समीकरण बनाने की कोशिशों में जुटी है।
विज्ञापन
सीएम योगी का इस महीने यह तीसरा गाजियाबाद दौरा है। इससे पहले छह मार्च को अचानक से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों का जायजा लेने के लिए सिकंदरपुर टर्मिनल पहुंचे थे। उसके बाद आठ मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ कानपुर से सीधे जनसभा में पहुंचे थे।
विज्ञापन
इसके बाद गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट के बिसाहड़ा-दादरी में चुनावी सभा के लिए रवाना होंगे। बता दें कि पहले गाजियाबाद में सीएम की रविवार को दो जनसभाएं होनी थीं, लेकिन पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की सलाह पर देर रात कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है।
विज्ञापन
अब लोनी में होने वाली सभा तीन अप्रैल को होगी। पार्टी की तरफ से जनसभाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की गई है। मतदान से 11 दिन पहले होने जा रही जनसभाओं का काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में समीकरण बनाने की कोशिशों में जुटी है।
विज्ञापन
सीएम योगी का इस महीने यह तीसरा गाजियाबाद दौरा है। इससे पहले छह मार्च को अचानक से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों का जायजा लेने के लिए सिकंदरपुर टर्मिनल पहुंचे थे। उसके बाद आठ मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ कानपुर से सीधे जनसभा में पहुंचे थे।
आठ मार्च की जनसभा विकास योजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण से जुड़ी थी लेकिन उसमें भी माहौल पूरा चुनाव था। सीएम ने विकास के मंच से भी मोदी है तो मुमकिन है का नारा दिया था।
अब चुनावी बिगुल बजने के बाद सीएम योगी फिर से अपने प्रत्याशी के पक्ष में समीकरणों को साधने की कोशिश करेंगे। सीएम योगी का दोपहर सवा बजे से घंटाघर रामलीला मैदान में रैली को संबोधित करने का कार्यक्रम है। इसके बाद सीएम दोपहर ढाई बजे गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले बिसहरा दादरी में भी जनसभा करने जाएंगे।
आठ मार्च की जनसभा विकास योजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण से जुड़ी थी लेकिन उसमें भी माहौल पूरा चुनाव था। सीएम ने विकास के मंच से भी मोदी है तो मुमकिन है का नारा दिया था।
सीएम की जनसभा को सफल बनाने के लिए पार्टी की तरफ से व्यापक तैयारी की गई है। पार्टी की कोशिश है कि रैली में अधिक से अधिक संख्या में लोग पहुंचे, जिससे की चुनावी मौसम में समीकरणों को पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में किया जा सके। इसी रणनीति के तहत हर विधानसभा वार पार्टी ने बड़े नेता की रैली कराने का लक्ष्य रखा है।
अब चुनावी बिगुल बजने के बाद सीएम योगी फिर से अपने प्रत्याशी के पक्ष में समीकरणों को साधने की कोशिश करेंगे। सीएम योगी का दोपहर सवा बजे से घंटाघर रामलीला मैदान में रैली को संबोधित करने का कार्यक्रम है। इसके बाद सीएम दोपहर ढाई बजे गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले बिसहरा दादरी में भी जनसभा करने जाएंगे।
आठ मार्च की जनसभा विकास योजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण से जुड़ी थी लेकिन उसमें भी माहौल पूरा चुनाव था। सीएम ने विकास के मंच से भी मोदी है तो मुमकिन है का नारा दिया था।
सीएम की जनसभा को सफल बनाने के लिए पार्टी की तरफ से व्यापक तैयारी की गई है। पार्टी की कोशिश है कि रैली में अधिक से अधिक संख्या में लोग पहुंचे, जिससे की चुनावी मौसम में समीकरणों को पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में किया जा सके। इसी रणनीति के तहत हर विधानसभा वार पार्टी ने बड़े नेता की रैली कराने का लक्ष्य रखा है।