मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद मंगलवार को पहली बार मीडिया से बातचीत की जिसमें उन्होंने वर्तमान सरकार पर जमकर निशाना साधा। दक्षिण दिल्ली से कांग्रेस उम्मीदवार विजेंद्र ने ये भी कहा कि, मैं खुश हूं कि कांग्रेस ने मुझे लोगों की सेवा का अवसर दिया है।
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विजेंदर सिंह
- फोटो : Amar Ujala
उन्होंने कहा कि एक ड्राइवर का बेटा होने के नाते मैं गरीबों के दुख को समझता हूं। मैं लोगों से मिलूंगा ताकि मैं उनकी समस्याएं समझ पाऊं। विजेंद्र आगे बोले, मुझे कहीं भी मोदी लहर दिखाई नहीं देती। लोगों ने असली चेहरा पहचान लिया है। युवाओं को सिर्फ नौकरी चाहिए, वो कहते हैं 'जुमलों से पेट नहीं भरेगा।'
गौरतलब है कि हरियाणा पुलिस में डीएसपी पद पर तैनात पेशेवर मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोमवार को ही गृह विभाग को अपना त्याग पत्र भेज दिया था। सूत्रों के अनुसार विजेंद्र दक्षिणी दिल्ली से कांग्रेस टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं। कांग्रेस हाईकमान से टिकट का आश्वासन मिलने पर ही उन्होंने डीएसपी पद छोड़ा है। गृह विभाग ने भी उनके इस्तीफे की फाइल मंजूरी के लिए सीएम मनोहर लाल को भेज दी है। स्वीकृति मिलने के बाद ही विजेंद्र को पदमुक्त किए जाने के आदेश सरकार जारी करेगी।
गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस प्रसाद ने विजेंद्र सिंह का इस्तीफा मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद आगामी आदेश जारी होंगे। पूर्व भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार ने बॉक्सिंग में विजेंद्र की उपलब्धियों के चलते उन्हें सम्मान स्वरूप हरियाणा पुलिस में डीएसपी की पोस्ट दी थी। 2008 में विजेंद्र ने बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद हुड्डा सरकार ने उन्हें एचपीएस बनाया था। 2015 में पेशेवर मुक्केबाज बनने के दौरान भी उनके डीएसपी पद को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, लेकिन सरकार ने उन्हें डीएसपी स्पोर्ट्स के पद पर बरकरार रखा।
सरकार ने विजेंद्र का पक्ष भी जाना था। गौर रहे कि भारत के सबसे कामयाब बॉक्सरों में शुमार किए विजेंद्र ने अपने एमेच्योर कैरियर को तौबा करते हुए प्रोफेशनल बॉक्सर बनने का फैसला किया था। बॉक्सिंग की अंतरराष्ट्रीय संस्था के नियमों के मुताबिक प्रोफेशनल बॉक्सर बनने के बाद विजेंद्र भारत का प्रतिनिधित्व करने के अयोग्य हो गए थे।