दिल्लीः वीवीपैट की तीन लाख से अधिक पर्चियों की होगी गिनती, देरी से आएंगे नतीजे
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लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली की सात संसदीय सीटों पर डाले गए मतों की गिनती के बाद वीवीपैट की करीब तीन लाख पर्चियों की गिनती होगी। दिल्ली की 70 विधानसभा क्षेत्रों की 350 वीवीपैट मशीनों में बंद पर्चियों की गिनती में पांच-छह घंटे का अतिरिक्त वक्त लगने की संभावना जताई जा रही है।
पहली बार इस चुनाव में सभी बूथों पर वीवीपैट का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी पर्चियों की गिनती की जाएगी। दिल्छली के 164 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम और वीवीपैट में बंद है, जिस पर 23 मई को परिणाम की घोषणा के साथ फैसला हो जाएगा।
ईवीएम(कंट्रोल यूनिट)के मतों के अलावा पोस्टल बैलट की गिनती पूरी होने के बाद ही वीवीपैट मशीनों की पर्चियों की गिनती होगी। अलग अलग बूथों पर मतदाताओं की संख्या में फर्क के साथ साथ अलग-अलग संसदीय क्षेत्रों में प्रत्याशियों की संख्या में भी अंतर है।
इस वजह से इवीएम की संख्या अलग अलग होगी। जानकारों का कहना है कि पर्चियों की संख्या का स्पष्ट आकलन नहीं किया जा सकता है, लेकिन औसतन 700-1200 पर्चियां हो सकती है। अगर वीवीपैट मशीनों में 900 पर्चियों का औसत भी माना जाए तो 350 वीवीपैट मशीनों में तीन लाख से अधिक पर्चियां होंगी।
पहली बार वीवीपैट का किया गया इस्तेमाल
किसी भी बूथ के मतों की गिनती के बाद वीवीपैट की पर्चियों से मिलान किया जाएगा। चुनाव में पारदर्शिता बढ़ाने के लिहाज से पहली बार लोकसभा चुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट का इस्तेमाल किया गया। मतों की प्रमाणिकता के लिहाज से पर्चियों की गिनती में थोड़ा अधिक वक्त लगेगा, लेकिन सीईओ का कहना है कि मतगणना और चुनाव परिणाम पूरी तरह पारदर्शी हो यही उनकी प्राथमिकता है।
वीवीपैट की मिली एक शिकायत, जांच के बाद खारिज
वीवीपैट की एक पर्ची को गिनने में अगर 30 सेकेंड का भी वक्त लगता है तो तीन लाख से अधिक पर्चियों की गिनती में कुछ और अधिक घंटे लगेंगे। दिल्ली में लोकसभा चुनाव के दौरान हुए मतदान के वक्त वीवीपैट से संबंधित एक शिकायत चुनाव अधिकारी से की गई, जिसकी जांच के बाद पाया गया कि आरोप निराधार थे।