फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Lok sabha election 2019: Gautam Buddha nagar VVIP seat news update

वीवीआईपी सीट पर कड़ा मुकाबला, गठबंधन से भाजपा को मिलेगी कड़ी टक्कर

Wed, 10 Apr 2019 03:45 AM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: vivek shukla Updated Wed, 10 Apr 2019 03:45 AM IST
विज्ञापन
Lok sabha election 2019: Gautam Buddha nagar VVIP seat news update
सांकेतिक तस्वीर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटी गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट कई मायनों में वीवीआईपी है। पीएम मोदी पांच साल में छह बार यहां रैली कर चुके हैं। चुनावी घोषणा के ठीक एक दिन पहले भी यहीं से रैली की शुरुआत की थी। यहां केंद्रीय मंत्री व भाजपा प्रत्याशी डॉ. महेश शर्मा के सामने बड़ी चुनौती गठबंधन प्रत्याशी सतवीर नागर हैं।

विज्ञापन


कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अरविंद सिंह भी परंपरागत वोट व पार्टी में आए बदलाव के कारण मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं। भले ही वे सीधी टक्कर न दे रहे हों, लेकिन उनके परिणाम प्रभावित करने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन

 
2009 में गौतमबुद्धनगर  सीट बनने व बसपा सुप्रीमो मायावती का गृह जनपद (पैतृक घर बादलपुर) होने के नाते बसपा का  दबदबा रहा है। पहले चुनाव में बसपा के सुरेंद्र सिंह नागर ने भाजपा के डॉ. महेश शर्मा को हराया था। 2014 चुनाव से ठीक पहले सुरेंद्र नागर सपा में पहुंच गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी रहे रमेश चंद्र तोमर मतदान से ठीक पहले भाजपा में चले गए थे। भाजपा को पूरा लाभ मिला। बसपा ने सतीश अवाना को उतारा था, लेकिन सीट नहीं बच सकी। डॉ. महेश शर्मा करीब पौने तीन लाख मत से जीते थे।

विकास तो किया, लेकिन नाराजगी बढ़ गई

सांसद महेश शर्मा गौतमबुद्धनगर में करीब 50 हजार करोड़ रुपये से विकास कार्य कराने का दावा तो करते हैं, लेकिन लोग नाराज हैं। विशेषकर गुर्जर व ठाकुर बिरादरी इतनी नाराज हो गई कि क्षेत्र में प्रवेश करने पर भी रोका गया।

स्थिति यह बनी कि ठाकुर बिरादरी को मनाने के लिए बिसाहड़ा में सीएम योगी आदित्यनाथ व झाझर ककोड़ में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की रैली करानी पड़ी। राजनाथ सिंह को यह तक कहना पड़ा है कि मैं जानता हूं कि डॉ. महेश से आपकी नाराजगी है, लेकिन इस बात का ध्यान रखिए कि आपको मोदी को वोट देना है। 

बड़ा ही पेंचीदा है वोटों का आंकड़ा
क्षेत्र गुर्जरों की राजधानी कही जाती है। पिछले एक-दो चुनावों को छोड़ दें तो यहां पर सभी दल गुर्जर प्रत्याशी ही उतारते रहे हैं। शहरी वोटों का आंकड़ा बढ़ने के बाद डॉ. महेश पहले गैर गुर्जर सांसद बने। यहां गुर्जर, ठाकुर, एससी, मुस्लिम और ब्राह्मण वोटों (3.5-3.5 लाख के आसपास) की संख्या बराबर मानी जाती है। डॉ. महेश ब्राह्मण व बनिया के अलावा शहरी वोटरों के सहारे जीत पाना चाहते हैं, तो गठबंधन प्रत्याशी सतवीर नागर बसपा के काडर वोट, सपा, रालोद के अलावा मुस्लिम वोटरों को भी अपना ही मान रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed