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Delhi: 15 दिनों में साफ होंगे बारापुला.... सुनहरी और कुशक नाले, निरीक्षण करने पहुंचे उपराज्यपाल
Sun, 04 Aug 2024 09:32 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: आकाश दुबे
Updated Sun, 04 Aug 2024 09:32 PM IST
सार
निरीक्षण करने पहुंचे एलजी ने सफाई करने का निर्देश दिए। बाढ़ का पानी निकालने के लिए तीनों नाले अहम हैं। एलजी ने गाद, कीचड़ और मलबा भरा होने पर नाराजगी जाहिर की।
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एलजी वीके सक्सेना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बाढ़ के पानी को शहर से निकालने के लिए बने बारापुला, सुनहरी और कुशक नाले 15 दिनों में साफ होंगे। रविवार को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना अधिकारियों के साथ नालों का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नालों को भरा हुआ पाया। इसे देख उन्होंने नाराजगी जाहिर की। साथ ही इन्हें 15 दिनों में साफ करने का निर्देश दिया।
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इस मौके पर अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान एलजी ने इन नालों में मलबा, गाद और निर्माण एवं विध्वंस कचरा पाया। इन नालों की सफाई कई सालों से नहीं हुई है। यह नाले बाढ़ के पानी को शहर से निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें सफाई न होने के कारण दक्षिण पूर्व और नई दिल्ली के बड़े हिस्से जलभराव का शिकार होते हैं। यह नाले दिल्ली नगर निगम और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग से संबंधित हैं। एलजी ने संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों को तस्वीरों के साथ सफाई कार्यों की दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के स्वामित्व वाले बारापुला नाले में, पुलिया के नीचे 12 खाड़ियों में से केवल पांच ही चालू पाई गईं। झुग्गियों के अतिक्रमण के कारण इनमें से एक खाड़ी भी बंद थी। सुनहरी नाले में, छह में से तीन खाड़ियां पूरी तरह से बंद थीं। कुशक नाले में सात खाड़ियों में से केवल चार खुली पाई गईं।
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इनमें होता है जलभराव
नाले जाम होने से पानी बैकफ्लो होता है। इसके कारण निजामुद्दीन, लोधी रोड, जंगपुरा, सीजीओ कॉम्प्लेक्स और अन्य आसपास के हिस्सों जल भराव हो जाता है।
हटाया जाएगा अतिक्रमण
एलजी ने ऐतिहासिक एएसआई संरक्षित पुराने बारापुला पुल का दौरा किया। उन्होंने पाया कि उस पर भारी अतिक्रमण है। उन्होंने डीएम (दक्षिण पूर्व) को आईएंडएफसी, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी और एएसआई के साथ संयुक्त कार्रवाई करके सभी अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया। साथ ही एक सप्ताह के भीतर पुल को उसकी मूल स्थिति में बहाल करने का निर्देश दिया।
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शुरू हुई नालों की सफाई
एलजी के निर्देश के बाद रविवार से ही नालों की सफाई शुरू हो गई। पहले दिन चार जेसीबी मशीनें लगाई गईं। साथ ही एलजी ने अधिकारियों को नालों की घेराबंदी करने का निर्देश दिया। ताकि नालों में कूड़ा-कचरा और मलबा न डाला जा सके। उन्होंने अधिकारियों को सीसीटीवी कैमरों के जरिए नालों की निगरानी करने और नालों में कूड़ा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
तैयार हो दीर्घकालिक उपाय
एलजी ने अधिकारियों को जलभराव की समस्या से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपायों वाली एक व्यापक योजना बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक जैसा होता आया है वह नहीं चलेगा।