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वैशाली के सीसीटीवी कैमरे में दिखा तेंदुआ जैसा जानवर, दहशत
Sun, 02 Aug 2020 03:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, साहिबाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, साहिबाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 02 Aug 2020 03:21 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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वैशाली सेक्टर-3 एफ में शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे एक तेंदुआ जैसा जानवर सीसीटीवी कैमरे में देखा गया, जिससे लोगों मे दहशत फैल गई। मकान मालिक की सूचना पर डरे और सहमे लोगों ने लाठी-डंडे लेकर जानवर की तलाश की लेकिन वह नहीं मिला। आरडब्ल्यूए की सूचना पर वन विभाग के रेंजर अशोक कुमार ने टीम के साथ क्षेत्र का सर्वे किया। टीम को जानवर के पैरों के निशान बेहद हल्के मिले हैं जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। वन विभाग की टीम कुछ दिन तक इलाके में पेट्रोलिंग करेगी।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धीरेंद्र भदौरिया ने बताया कि सेक्टर-3 एफ में मकान संख्या-655 पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रात करीब साढ़े तीन बजे तेंदुआ जैसा जानवर फुटेज पाया गया, जो गली में घूम रहा था। उनका कहना है कि मकान मालिक ने कैमरे को मोबाइल से कनेक्ट किया हुआ है। उन्होंने सुबह इस तस्वीर को देखते ही पड़ोसी विपिन कुमार गुप्ता को जानकारी दी। सुबह करीब छह बजे विपिन ने अन्य पड़ोसियों को बताया।
डर की वजह घरों में कैद किए बच्चे
लोग डर की वजह से अपने घरों में कैद हो गए। लोग बच्चों को तो बिल्कुल बाहर निकलने नहीं दे रहे। सुबह लाठी डंडे लेकर जानवरी की तलाश की गई लेकिन उसका पता नहीं चला। विपिन कुमार का कहना है कि लॉकडाउन होने से मार्केट की दुकानें बंद हैं। इसलिए दुकानों के सीसीटीवी चेक नहीं हो पाएं। फिलहाल लोगों में डर का बना है। वन विभाग के रेंजर अशोक कुमार और वन अधिकारी संजय कुमार ने लोगों से बात भी की।
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जंगली बिल्ली होने का अंदेशा, रोज होगी पेट्रोलिंग
वन अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि सुबह से कई बार विभाग के अधिकारियों ने इलाके में सर्वे और गश्त की। जबकि इंटरलॉकिंग टाइल्स होने की वजह से जानवर के पैरों के निशान भी हल्के नजर आ रहे हैं। टीम ने वैशाली सेक्टर-3 से लेकर एनएच-9 अभयखंड की तरफ और सीआईएसएफ रोड की तरफ गश्त किया लेकिन कहीं भी लोगों ने उसे नहीं देखा।
100 किमी तक चलने की क्षमता रखती है कैट फैमिली
डीएफओ दीक्षा भंडारी का कहना है कि सूचना पर टीम को तत्काल भेज दिया गया था। सर्वे के अलावा लोगों से बातचीत और गश्त की गई। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, यह जानवर कैट फैमिली का लग रहा है। जिसमें जंगली बिल्ली, तेंदुआ और अन्य प्रकार के जानवर आते हैं। जिनकी एक दिन में 100 किमी तक चलने की क्षमता है। घनी आबादी का क्षेत्र होने की वजह से इलाके में तेंदुआ के आने की संभावना बेहद कम है। फिलहाल टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। अन्य रेंज के अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है।
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आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धीरेंद्र भदौरिया ने बताया कि सेक्टर-3 एफ में मकान संख्या-655 पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रात करीब साढ़े तीन बजे तेंदुआ जैसा जानवर फुटेज पाया गया, जो गली में घूम रहा था। उनका कहना है कि मकान मालिक ने कैमरे को मोबाइल से कनेक्ट किया हुआ है। उन्होंने सुबह इस तस्वीर को देखते ही पड़ोसी विपिन कुमार गुप्ता को जानकारी दी। सुबह करीब छह बजे विपिन ने अन्य पड़ोसियों को बताया।
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डर की वजह घरों में कैद किए बच्चे
लोग डर की वजह से अपने घरों में कैद हो गए। लोग बच्चों को तो बिल्कुल बाहर निकलने नहीं दे रहे। सुबह लाठी डंडे लेकर जानवरी की तलाश की गई लेकिन उसका पता नहीं चला। विपिन कुमार का कहना है कि लॉकडाउन होने से मार्केट की दुकानें बंद हैं। इसलिए दुकानों के सीसीटीवी चेक नहीं हो पाएं। फिलहाल लोगों में डर का बना है। वन विभाग के रेंजर अशोक कुमार और वन अधिकारी संजय कुमार ने लोगों से बात भी की।
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जंगली बिल्ली होने का अंदेशा, रोज होगी पेट्रोलिंग
वन अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि सुबह से कई बार विभाग के अधिकारियों ने इलाके में सर्वे और गश्त की। जबकि इंटरलॉकिंग टाइल्स होने की वजह से जानवर के पैरों के निशान भी हल्के नजर आ रहे हैं। टीम ने वैशाली सेक्टर-3 से लेकर एनएच-9 अभयखंड की तरफ और सीआईएसएफ रोड की तरफ गश्त किया लेकिन कहीं भी लोगों ने उसे नहीं देखा।
100 किमी तक चलने की क्षमता रखती है कैट फैमिली
डीएफओ दीक्षा भंडारी का कहना है कि सूचना पर टीम को तत्काल भेज दिया गया था। सर्वे के अलावा लोगों से बातचीत और गश्त की गई। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, यह जानवर कैट फैमिली का लग रहा है। जिसमें जंगली बिल्ली, तेंदुआ और अन्य प्रकार के जानवर आते हैं। जिनकी एक दिन में 100 किमी तक चलने की क्षमता है। घनी आबादी का क्षेत्र होने की वजह से इलाके में तेंदुआ के आने की संभावना बेहद कम है। फिलहाल टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। अन्य रेंज के अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है।