केजरीवाल ने निकाली भड़ास मोदी को भी नहीं छोड़ा
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दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र के आखिरी दिन भी हंगामे का दौर जारी रहा। आज विधानसभा में केंद्र की अधिसूचना के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया।
इस दौरान दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने भाषण में केंद्र सरकार पर कई जोरदार हमले किए। केजरीवाल के निशाने पर ना केवल केंद्र सरकार थी बल्कि उन्होंने एलजी पर भी गंभीर आरोप लगाए। सीएम ने दिल्ली के पिछले 4 दिनों के हालातों के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को बदनाम करने के लिए एलजी झुग्गियां तुड़वा रहे हैं। वहीं उपराज्यपाल के जरिए दिल्ली सरकार को ठप किया जा रहा है। वे केंद्र के इशारों पर नाच रहे हैं। एलजी ने कभी बिजली-पानी के बारे में नहीं पूछा।
क्या एलजी दिल्ली को बिजली देंगे ?
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ षड्यंत्र हो रहा है। एलजी ने जनता की चुनी हुए दिल्ली की सरकार के द्वारा पास किए गए 3 ऑर्डर रद्द किए। उन्होंने पूछा कि क्या एलजी दिल्ली को बिजली देंगे ?
केजरीवाल के मुताबिक अफसरों ने हमारी बात सुनना बंद कर दिया। दिल्ली सरकार ने ईमानदार अफसरों की तैनाती की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को अपने अफसर चुनने का अधिकार होना चाहिए।
दिल्ली के सीएम अपनी सरकार के काम की तारीफ करने से भी नहीं चूके। केंद्र पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा दिल्ली के अंदर बहुत कुछ गड़बड़ हो रहा है। इसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार है। ये सरकार देश को तानाशाही की ओर ले जाना चाहती है।
किरण बेदी सीएम होती तो भाजपा दखल देती?
केजरीवाल यहीं नही रूके उनके मुताबिक भ्रष्टाचार निरोधक कानून को भी केंद्र सरकार कमजोर कर रही है। अगर वे पैसे खा लेते तो कोई अधिसूचना नही आती।
केंद्र पर करारा प्रहार करते हुए केजरीवाल ने पूछा कि अगर किरण बेदी दिल्ली की सीएम होती तो क्या भाजपा ऐसे ही दखल देती? उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार निरोधक कानून को कमजोर करना चाहती है। जबकि हाईकोर्ट ने उनके नापाक इरादों पर पानी फेर दिया है।
सीएम ने नसीहत दी कि अफसरों को केंद्र से ड़रने की जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि केंद्र नीच हरकत कर रहा है। वह पहले ही कई राज्यों के राज्यपाल बदल चुका है।