केजरीवाल का धरना 8वें दिन जारी, जैन के बाद बिगड़ी सिसोदिया की तबियत, अस्पताल में भर्ती
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने तीन मंत्रियों के साथ अफसरों की हड़ताल खत्म करवाने के लिए पिछले आठ दिनों से धरने पर हैं। इस बीच मनीष सिसोदिया की तबियत बिगड़ गई है। आज मनीष सिसोदिया के आमरण अनशन का छठा दिन है। उन्हें एंबुलेंस से एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया। जानकारी के अनुसार मनीष सिसोदिया का कीटोन स्तर 7.4 तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पहले से ही अस्पताल में भर्ती है।
#Delhi Deputy CM Manish Sisodia being taken to LNGP hospital after his ketone level reached 7.4. He has been on an indefinite hunger strike for the past 6 days at LG's residence against the alleged strike by the IAS officers of Delhi government. pic.twitter.com/XSJMxXOOJr
— ANI (@ANI) June 18, 2018विज्ञापन
वहीं केजरीवाल और उनके मंत्रियों को न सिर्फ चार प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों का समर्थन मिला है बल्कि कई विपक्षी दलों का भी साथ मिला है। इसी सिलसिले में आज बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना भी केजरीवाल के समर्थन में उतर आई है।
शिवसेना नेता संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केजरीवाल ने जिस तरह का आंदोलन शुरू किया है वह बेहद ही अलग है। उद्धव ठाकरे ने केजरीवाल से बात की है और कहा है कि उन्हें दिल्ली के लिए काम करने का अधिकार है क्योंकि वो जनता के द्वारा चुनी हुई सरकार हैं। उनके साथ जो कुछ भी हो रहा है वह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।
The type of movement Arvind Kejriwal has started is a unique one. Uddhav Thackeray had a conversation with him & said that Kejriwal has the right to work for Delhi because they are the elected govt. Whatever is happening to them, it's not good for democracy:Sanjay Raut, Shiv Sena pic.twitter.com/HicE0nSDI5
— ANI (@ANI) June 18, 2018
11 जून शाम 6 बजे से राजनिवास पर केजरीवाल के साथ धरना दे रहे स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन 12 जून से ही भूख हड़ताल पर थे जिसकी वजह से बीती रात रविवार को उनकी तबियत काफी खराब हो गई।
सात दिन से एलजी कार्यालय में भूख हड़ताल कर रहे दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की हालत रविवार देर रात करीब पौने 12 बजे बिगड़ गई। उन्हें दिल्ली गेट स्थित लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार, अनशन की वजह से उनके शरीर में कीटोन की मात्रा ज्यादा हो गई है।
सत्येंद्र जैन की तबियत खराब होने के बावजूद सीएम केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और गोपाल राय अब भी राजनिवास पर धरने पर बैठे हैं। धरने के आठवें दिन केजरीवाल ने आज ट्वीट कर बताया कि अब सत्येंद्र जैन की तबियत ठीक है। बुधवार से आमरण अनशन कर रहे मनीष सिसोदिया की तबियत के बारे में भी केजरीवाल ने बताया कि वो ठीक हैं।
Good morning Delhi
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 18, 2018
Last nite, Satinder Jain’s ketone levels increased n he complained of headache, bodyache, difficulty in breathing n difficulty in passing urine. So, he had to be shifted to hospital. Now, he is doing well.
It is 6th day of Mansh’s fast. He is doing well
सातवें दिन केजरीवाल ने बढ़ाया सुलह का हाथ
राजनिवास मे धरने के सातवें दिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहली बार अधिकारियों से सुलह के लिये हाथ बढ़ाया है। आईएएस एसोसिएशन के मीडिया में आने के बाद मुख्यमंत्री ने एक लेटर जारी किया है।
इसमें केजरीवाल ने अधिकारियों को सुरक्षा देने का भरोसा दिया है। साथ ही अधिकारियों से काम पर लौटने की अपील भी की है। मुख्यमंत्री की अपील के बाद माना जा रहा है कि उपराज्यपाल के साथ चल रहा टकराव खत्म हो सकता है।
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया में जारी अपने पत्र में लिखा है कि रविवार को आईएएस एसोसिएशन ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। केजरीवाल ने भरोसा दिलाया है कि वह अपनी पूरी ताकत व संसाधन के साथ अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया करायेंगे। उन्होंने इसे अपना कर्तव्य बताया है। हालांकि, उन्होंने कहा है कि इस तरह का भरोसा उन्होंने पहले भी अधिकारियों की निजी मुलाकातों में दे रखा है।
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, अधिकारी उनकी परिवार का हिस्सा हैं। उनसे गुजारिश है कि वह चुनी हुयी सरकार के मंत्रियों की बैठकों का बहिष्कार बंद करें। मंत्रियों के फोन व मैसेज का जवाब दें। उनके साथ वह दौरों में शामिल हों। उन्हें बगैर किसी डर या भय के काम करना चाहिये। वह न तो राज्य सरकार के दबाव में आयें और न ही केंद्र या किसी राजनीतिक पार्टी के।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने अपनी तरफ से एक बार फिर सुलह-समझौते की कोशिश है। अधिकारियों की प्रेस कांफ्रेस में बुनियादी मांग सुरक्षा की थी। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने खुलकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। ऐसे में अब उपराज्यपाल को पूरे मामले में दखल देना चाहिये। मुख्यमंत्री के हाथ बढ़ाने के बाद अधिकारी उपराज्यपाल की तरफ से सकारात्मक जवाब आता है तो मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ धरना खत्म कर सकते हैं।
अनशन के चलते बढ़ी कीटोन की मात्रा
उन्हें डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है। खबर लिखे जाने तक उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है। उन्हें इंजेक्शन के जरिए कुछ दवाएं भी दी गई हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, कोटीन की मात्रा एक-दो दिन में ही बढ़ जाती है, लेकिन मंत्री इतने दिनों से एसी कमरे में थे और योग कर रहे थे, इसलिए उन्हें अब आकर दिक्कत हुई है।
बता दें कि उपराज्यपाल कार्यालय में पांच दिन से मंत्री जैन अनशन पर हैं। अरुणा आसफ अली अस्पताल के डॉक्टर हर दिन उनका मेडिकल टेस्ट कर रहे हैं। शुक्रवार को ही उन्होंने उनकी तबियत में गिरावट की बात कही थी।