'मोदी जी देश नहीं, आरआरएस संसद नहीं और मनुस्मृति संविधान नहीं'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर खूब निशाना साधा। कार्यक्रम में उन्होंने बाबा साहब के सिद्धांत और संविधान के लचीलेपन का जिक्र किया।
साथ ही कहा कि पार्टियों में वोट की लालच में बाबा साहब को माला पहनाने की होड़ लगी है। वहीं, आम आदमी पार्टी को अंबेडकर के आदर्श पर चलने वाली गरीबों की पार्टी बताया।
मुख्यमंत्री ने भाजपा और आरएसएस के दबाव का जिक्र करके कहा कि सीबीएसई के पाठ्यक्रम में वीर सावरकर को शामिल करने की बात चल रही थी। मैंने सिसोदिया से कहा, उनको सावरकर पढ़ाने दो, हम अंबेडकर के बारे में पढ़ाएंगे। आरएसएस प्रमुख कहते हैं रिजर्वेशन पर चर्चा होनी चाहिए और पीएम कहते हैं नहीं। चित भी मेरी और पट भी मेरी नहीं चलेगा।
बाबा साहब ने कमरे में बैठकर किताब नहीं लिखी
केजरीवाल ने कहा प्रधानमंत्री ने मऊ में बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी, बोले सपने अधूरे हैं। सपने पूरे करने की जिम्मेदारी संविधान के पद पर बैठे लोगों की है, सपने अधूरे क्यों हैं? बाबा साहब ने कमरे में बैठकर किताब नहीं लिखी। जो संदेश दिए कि आज 67 साल बाद भी सपने अधूरे हैं।
प्रधानमंत्री की तरफ इशारे में कहा कि सिर्फ मऊ जाने से सपने पूरे नहीं होंगे। जो लोग सोशल मीडिया पर महिलाओं को गाली दे रहे हैं, उन्हें पीएम फॉलो कर रहे हैं। बाबा साहब जिंदा होते तो कहते कि माला मत पहनाओ, महिलाओं का सम्मान करो। तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रो. सुखदेव थोराट को भीमराव अंबेडकर रत्न से सम्मानित किया। वहीं, डॉ. राजाशेखर वुंदरु को भी सम्मानित किया।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि संविधान में शिक्षा का अधिकार है, लेकिन खास लोगों ने स्कूल बनाकर आम लोगों को शिक्षा से दूर कर दिया है। कार्यक्रम में विस अध्यक्ष रामनिवास गोयल, मंत्री संदीप कुमार समेत सभी मंत्री शामिल हुए। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए।
वेमुला को न्याय तभी मिलेगा, जब केंद्र के दोनों मंत्रियों को सजा मिले
केजरीवाल ने अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम में दलितों से जुड़े हर पहलू को छूने की कोशिश की। रोहित वेमुला आत्महत्या को लेकर कहा कि दलित परिवार से आने वाले इस छात्र की गलती थी कि बाबा साहब के नाम पर एक संगठन बना लिया।
निर्दोष साबित होने पर भी दो मंत्रियों के हस्तक्षेप की वजह से पांच छात्र सस्पेंड हुए। वेमुला को न्याय तभी मिलेगा, जब केंद्र के दोनों मंत्रियों को सजा मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोलने की आजादी, भाईचारे की आजादी है, लेकिन सिर्फ नफरत फैलाई जा रही है। पहले हिंदू-मुस्लिम लड़ाए जाते थे, अब हिंदू-हिंदू को लड़ा रहे हैं। ऐसे लोग बाबा साहब को माला पहना रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर गाली दे रहे हैं।
भाषण के दौरान केजरीवाल ने कहा कि इस संविधान के लिए हम जान की बाजी लगा देंगे, लेकिन इसका अपमान नहीं होने देंगे। अरुणाचल में चुनाव नहीं लड़ सकते तो सरकार तोड़ रहे हैं। हमारे 21 एमएलए को बर्खास्त करने की बात कर रहे हैं। बर्खास्त कर दो हम चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। हिम्मत है तो आओ चुनाव मैदान में। हम अंबेडकर के संविधान से चुनाव लड़ेंगे।
केजरीवाल ने पीएम से रखी ये मांगे
- जो लोग महिलाओं को गालियां देते हैं, प्रधानमंत्री उन्हें ट्विटर पर फॉलो करना छोड़ें।
- रोहित वेमुला की मौत के जिम्मेदार दो केंद्रीय मंत्रियों को तुरंत हटाया जाए।
- सरकारों को तोड़ना बंद कीजिए, ईमानदारी से चुनाव लड़िये।
- दिल्ली सरकार को काम करने दीजिए, जनता खुश है।
- देश में भारत माता की जय के नाम पर जो गुंडागर्दी चल रही है, उसे बंद करें।