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Kejriwal Arrest : ईडी का दावा- केजरीवाल के खिलाफ लेनदेन के पुख्ता सबूत, संपत्तियां जब्त करने पर असमंजस
Thu, 04 Apr 2024 05:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 04 Apr 2024 05:07 AM IST
सार
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई और कानूनी दलीलें रखी गईं। केजरीवाल ने कहा कि ईडी 100 करोड़ रुपये की रिश्वत की बात कहता है, लेकिन उनके यहां तलाशी में एक पैसा नहीं मिला। वहीं, ईडी ने दावा किया कि उसके पास मनी ट्रेल के सबूत हैं।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल demo
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई और कानूनी दलीलें रखी गईं। केजरीवाल ने कहा कि ईडी 100 करोड़ रुपये की रिश्वत की बात कहता है, लेकिन उनके यहां तलाशी में एक पैसा नहीं मिला। वहीं, ईडी ने दावा किया कि उसके पास मनी ट्रेल के सबूत हैं।
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अरविंद केजरीवाल और ईडी की तरफ से पेश वकीलों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा, मैं फैसला सुरक्षित रखने जा रही हूं। आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, गिरफ्तारी स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव और सभी को समान अवसर प्रदान करने सहित संविधान की बुनियादी संरचना का उल्लंघन है। केजरीवाल को इसलिए गिरफ्तार किया गया है, ताकि वह चुनाव में भाग नहीं ले सकें। गिरफ्तारी का मकसद आम आदमी पार्टी को बदनाम करना और उसे खत्म करना है। ईडी के पास कोई सबूत नहीं है।
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चुनाव को बहाना बनाना हास्यास्पद
बहस के दौरान ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय के सवाल पर कहा, अगर एक सामान्य आदमी ने कोई अपराध किया है, तो उसे सलाखों के पीछे जाना ही होगा, लेकिन आप मुख्यमंत्री हैं इसलिए आपको गिरफ्तार नहीं किया जा सकता? आप देश को लूट लेंगे, पर कोई आपको छू नहीं सकता, क्योंकि चुनाव आ रहे हैं? आप कहते हैं कि आपकी गिरफ्तारी बुनियादी संरचना का उल्लंघन करेगी? यह किस तरह की बुनियादी संरचना है? विचाराधीन कैदियों को यह कहने का कोई अधिकार नहीं है, हम अपराध करेंगे और हमें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, क्योंकि चुनाव आ गए हैं। यह पूरी तरह हास्यास्पद है। इससे अपराधियों को खुलेआम घूमने का लाइसेंस मिल जाएगा।
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लाश न मिले तो क्या हत्या का मुकदमा नहीं चलेगा
एएसजी ने कहा, ये कहते हैं कि पैसा नहीं मिला, ये कैसी दलील है। यदि लाश न मिले तो क्या हत्या का केेस नहीं चलता? कई ऐसे मामलों में लोगों को सजा मिली है। उन्होंने कहा, अगर आपने पैसा किसी और को दे दिया हो तो आपके घर पर कहां से मिलेगा? गोवा में खर्च किया हो, विदेश भेज दिया हो। मनी लॉन्ड्रिंग का प्राथमिक सबूत ही काफी है।
मामले में प्रभावशाली लोग शामिल हों तो सबूत जुटाना मुश्किल : ईडी
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आबकारी नीति मामले में उनकी गिरफ्तारी को एक साजिश बताया है। उन्होंने गवाहों के बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा, ईडी गवाहों के बयान तक तक लेती रही जब तक उन्होंने उनका नाम नहीं लिया। नाम लेते ही उनकी गिरफ्तारी हो गई। ईडी ने तर्क रखा कि जब मामले में प्रभावशाली लोग शामिल होते हैं तो उनके खिलाफ सबूत हासिल करना मुश्किल होता है, इसलिए कानून यह है कि जब ये लोग शामिल होते हैं, तो गवाहों पर भरोसा किया जा सकता है।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने गवाहों का हवाला देते हुए कहा यह बेहद शर्मनाक है, सरत रेड्डी के 13 बयान हैं 11 बयानों में मेरे खिलाफ कुछ भी नहीं है। फिर वह 25 और 29 अप्रैल को बयान देते हैं और तुरंत उन्हें जमानत मिल जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभियोजन पक्ष ने रेड्डी से कहा कि जब तक वह केजरीवाल के खिलाफ बयान नहीं देंगे, उनका बयान दर्ज किया जाता रहेगा। क्या यह उचित है?
सिंघवी ने कहा, मगूंटा रेड्डी का बयान भी उनके पहले के बयानों के उलट है। उनके पिता अब सत्ताधारी पार्टी के गठबंधन वाले हिस्से में शामिल हो गए हैं। फिर वह मेरे खिलाफ बयान देते हैं और 10 दिन बाद उन्हें जमानत मिल जाती है। यह आपराधिक कानून का सरासर मजाक है। सिंघवी ने कहा उनके रिमांड आवेदन में कहा गया है कि वे भविष्य में पूरी साजिश में मुख्यमंत्री की भूमिका का पता लगाना चाहते हैं। भविष्य से क्या मतलब है।
क्या केजरीवाल भाग जाते
सिंघवी ने कहा कि गिरफ्तारी की जरूरत का दूसरा हिस्सा यह है कि क्या व्यक्ति के भागने का खतरा है? डेढ़ साल बाद वह गवाहों को प्रभावित करने के लिए क्या कर सकता है? आप पहले ही बयान दर्ज कर चुके हैं। दस्तावेज के हजारों पृष्ठ हैं। तीसरा है सहयोग, मैं कहां सहयोग नहीं कर रहा हूँ? उन्होंने कहा घोटाला बहुत पहले सामने आया था। अगस्त 2022 और अक्तूबर 2023 लेकिन गिरफ्तारी चुनावों के दौरान ही क्यों। सिंघवी ने कहा ईडी का यह तर्क देना कि सिसोदिया को जमानत नहीं मिल रही है और इसलिए गिरफ्तारी की मेरी चुनौती वैध नहीं है, उचित नहीं है।
हम आप की संपत्ति जब्त करना चाहते हैं
ईडी ने कहा, हम आम आदमी पार्टी की कुछ संपत्तियां जब्त करना चाहते हैं। असमंजस में हैं। अगर हम ऐसा करते हैं तो ये कहेंगे कि चुनाव है और हमें शामिल होने नहीं दे रहे। अगर संपत्तियां जब्त नहीं करेंगे तो कहेंगे क्या कुछ मिला, कोई रिकवरी हुई, सबूत कहां है।
आप के मामलों के लिए केजरीवाल जिम्मेदार
ईडी की और से पेश एएसजी राजू ने कहा कि केजरीवाल अत्यंत प्रभावशाली है। उनका इतना प्रभाव है कि उन्हें पिछले आरोपपत्रों की प्रतियां मिल गई हैं, वे अविश्वसनीय दस्तावेजों पर भरोसा करते हैं। यह तर्क कि आखिरी बयान अगस्त 2023 का है, पूरी तरह से गलत है। हमने दिखाया है कि जिस समय मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध हुआ था, उस समय कंपनी (आम आदमी पार्टी) के मामलों के लिए अरविंद केजरीवाल जिम्मेदार थे।
जेल में केजरीवाल को मिलेगी ई-केतली, मेज व कुर्सी
अदालत ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को मुख्यमंत्री केजरीवाल की चिकित्सा स्थिति को देखते हुए ई-केतली, पढ़ने के लिए मेज व कुर्सी मुहैया करवाने का निर्देश दिया है। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने यह निर्देश केजरीवाल की अर्जी पर दिया है। केजरीवाल ने अर्जी में कहा था कि उन्हें पानी गर्म करने व चाय के लिए ई-केतली की आवश्यकता है। केजरीवाल के वकील ने अदालत में कहा कि एक अप्रैल को जब केजरीवाल को जेल भेजने का निर्देश दिया गया था तो अर्जी दाखिल की गई थी, लेकिन कोई निर्देश जारी नहीं किया गया था। अदालत ने कहा कि आरोपी की चिकित्सा स्थिति को ध्यान में रखते हुए अनुरोध स्वीकार किया जाता है। संबंधित जेल अधीक्षक जेल नियमावली के अनुसार कुर्सी, मेज व ई-केतली उपलब्ध कराएं।