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करीना कपूर के भी निशाने पर यूपी सरकार!
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 05 Sep 2014 09:03 AM IST
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बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर ने भी उत्तर प्रदेश के हालात पर चिंता जताई है। बृहस्पतिवार को वह दिल्ली स्थित इंडिया हैबीटेट सेंटर में यूनिसेफ के शिक्षा की उपलब्धता के अधिकार व शिक्षा की गुणवत्ता पर आधारित चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल्स एंड सिस्टम पैकेज के लॉन्चिंग कार्यक्रम में पहुंची हुई थीं।
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करीना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि हर मामलों में वहां स्थिति दयनीय है। जरूरत है कि बच्चियों को स्कूलों में सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाया जाए, ताकि शिक्षा से उनका मानसिक विकास हो सके।
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-तस्वीरों में देखें, करीना का ग्लैमर और दिलकश अदाएं
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यूनिसेफ के चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल्स एंड सिस्टम पैकेज प्रोग्राम से जुड़ी हूं, ताकि आम आदमी और समाज के लिए कुछ कर सकूं। बच्चों के लिए स्कूलों के हालात का जायजा लेने के लिए अक्तूबर से उत्तर प्रदेश से यात्रा शुरू करूंगी। इसके बाद भोपाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी स्थिति देखी जाएगी।
करीना कपूर का मानना है कि सरकारी स्कूलों की हालत बेहद खराब है। इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। जब तक समाज नहीं बदलेगा, बदलाव नहीं आएगा।
करीना ने बताया कि राजस्थान दौरे के दौरान बच्चियों ने बताया कि वे स्कूल में आकर खुश और सुरक्षित महसूस करती हैं। यह बात सुनकर देशभर की बच्चियों के मुंह से यही शब्द सुनने की अभिलाषा है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधि लुइस जॉर्ज आर्सेनॉल्ट ने की। उससे पहले करीना कपूर ने चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल एंड सिस्टम पैकेज भी लॉन्च किया। लुइस ने चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल एंड सिस्टम के बारे में विस्तार से समझाया।
इस पैकेज को देशभर के सरकारी स्कूलों में प्रयोग किया जाएगा, ताकि बच्चों को मारने-पीटने, डराने-धमकाने के बजाय वीडियो-ऑडियो के माध्यम से शिक्षा और ज्ञान से जोड़ा जाए। ज्ञान के साथ स्कूलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर होना भी बेहद जरूरी है।
लुइस ने माना कि भारत में शिक्षा की उपलब्धता के अधिकार और शिक्षा की गुणवत्ता के अधिकार को फोकस करना है, क्योंकि अभी ये दोनों ही नाकाफी हैं। पैकेज में 27 वीडियो, 20 स्टोरी बुक समेत इन्फ्रास्ट्रक्चर, शोध रिपोर्ट के आधार पर बच्चों को मस्ती की पाठशाला से जोड़ने के नुस्खे हैं।
सोसायटी में बदलाव की जरूरत: कुशल सिंह
बाल अधिकार संरक्षण की चेयरपर्सन कुशल सिंह ने बताया कि पिछले दिनों यूपी में बच्चियों से यौन शोषण के बढ़ते मामलों पर सरकार से जवाब मांगा था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। डर के चलते लोगों ने बच्चियों को स्कूलों से दूर कर दिया है, जोकि चिंता की बात है। ऐसे ही कई राज्यों का हाल है, जहां बच्चे परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। इसके चलते स्कूल बीच में छोड़ने के मामलों में वृद्धि हो रही है।