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Delhi NCR News: द्वापर की याद दिलाती बारिश में जन्मे कन्हैया
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दोपहर बाद से लेकर रातभर बरसे बदरा, आधी रात को बूंदाबांदी के बीच गूंजा नंद के आनंद भयो
मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, झांकियों में दिखी कृष्ण की लीलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। द्वापर में कृष्ण जन्म के समय हुई बारिश की कथा शुक्रवार को राजधानी में भी साकार होती नजर आई। दिनभर तेज धूप के बाद शाम को अचानक बरसे बदरा और आधी रात तक होती रही बूंदाबांदी के बीच मंदिरों में ठीक 12 बजे कन्हैया का जन्म हुआ। शंख-घंटियों की गूंज और नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने बाल गोपाल का स्वागत किया। इस बार जन्माष्टमी का यह संयोग इसलिए भी खास रहा कि जहां एक ओर बारिश ने द्वापर की उस रात की याद दिलाई।
बारिश में भी इस्कॉन पहुंचते रहे श्रद्धालु
द्वारका और ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिरों में भी जन्माष्टमी का भव्य आयोजन हुआ। तेज बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं हुई। विशेष पूजा, अभिषेक और संकीर्तन के दौरान पूरा मंदिर परिसर हरे रामा, हरे कृष्णा के जयघोष से गूंजता रहा। दोनों मंदिरों में सोने के कलश से दूध, दही और जल से भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया गया। इस्कॉन गुरुकुल के बच्चों समेत अन्य बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर प्रस्तुतियां दीं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी यहां दर्शन किए। विदेशी श्रद्धालु भी कृष्ण भक्ति में रंगे नजर आए।
लक्ष्मी नारायण मंदिर में सुबह से कतार
मंदिर मार्ग स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई। मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। यहां कृष्ण जन्म से जुड़े प्रसंगों की आकर्षक झांकियां सजाई गईं। देवकी-वसुदेव का कारागार, वासुदेव द्वारा बालक कृष्ण को यमुना पार ले जाना, पूतना वध, यशोदा को कृष्ण के मुख में ब्रह्मांड का दर्शन और माखन चोरी जैसे प्रसंगों ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। यहां पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज ने भी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए।
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झंडेवाला से छतरपुर तक कृष्ण भक्ति
झंडेवाला देवी मंदिर में भजनामृत वर्षा का आयोजन किया गया। भजनों के बीच श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में डूबे रहे। मंदिर परिसर में चारों धाम की झांकियां सजाई गईं। मध्यरात्रि में कृष्ण जन्म के बाद विशेष आरती और प्रसाद वितरण हुआ। छतरपुर मंदिर में भी जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। आसफ अली रोड स्थित श्रीराम हनुमान वाटिका मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम हुए। ईस्ट ऑफ कैलाश के सपना पार्क में योग विज्ञान एवं मानव कल्याण ट्रस्ट की ओर से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह आयोजित किया गया।
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मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, झांकियों में दिखी कृष्ण की लीलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। द्वापर में कृष्ण जन्म के समय हुई बारिश की कथा शुक्रवार को राजधानी में भी साकार होती नजर आई। दिनभर तेज धूप के बाद शाम को अचानक बरसे बदरा और आधी रात तक होती रही बूंदाबांदी के बीच मंदिरों में ठीक 12 बजे कन्हैया का जन्म हुआ। शंख-घंटियों की गूंज और नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने बाल गोपाल का स्वागत किया। इस बार जन्माष्टमी का यह संयोग इसलिए भी खास रहा कि जहां एक ओर बारिश ने द्वापर की उस रात की याद दिलाई।
बारिश में भी इस्कॉन पहुंचते रहे श्रद्धालु
द्वारका और ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिरों में भी जन्माष्टमी का भव्य आयोजन हुआ। तेज बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं हुई। विशेष पूजा, अभिषेक और संकीर्तन के दौरान पूरा मंदिर परिसर हरे रामा, हरे कृष्णा के जयघोष से गूंजता रहा। दोनों मंदिरों में सोने के कलश से दूध, दही और जल से भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया गया। इस्कॉन गुरुकुल के बच्चों समेत अन्य बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर प्रस्तुतियां दीं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी यहां दर्शन किए। विदेशी श्रद्धालु भी कृष्ण भक्ति में रंगे नजर आए।
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लक्ष्मी नारायण मंदिर में सुबह से कतार
मंदिर मार्ग स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई। मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। यहां कृष्ण जन्म से जुड़े प्रसंगों की आकर्षक झांकियां सजाई गईं। देवकी-वसुदेव का कारागार, वासुदेव द्वारा बालक कृष्ण को यमुना पार ले जाना, पूतना वध, यशोदा को कृष्ण के मुख में ब्रह्मांड का दर्शन और माखन चोरी जैसे प्रसंगों ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। यहां पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज ने भी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए।
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झंडेवाला से छतरपुर तक कृष्ण भक्ति
झंडेवाला देवी मंदिर में भजनामृत वर्षा का आयोजन किया गया। भजनों के बीच श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में डूबे रहे। मंदिर परिसर में चारों धाम की झांकियां सजाई गईं। मध्यरात्रि में कृष्ण जन्म के बाद विशेष आरती और प्रसाद वितरण हुआ। छतरपुर मंदिर में भी जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। आसफ अली रोड स्थित श्रीराम हनुमान वाटिका मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम हुए। ईस्ट ऑफ कैलाश के सपना पार्क में योग विज्ञान एवं मानव कल्याण ट्रस्ट की ओर से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह आयोजित किया गया।