जेएनयू कैंपस छात्रों से हुआ गुलजार, दिसंबर सेमेस्टर परीक्षा देने पहुंच रहे सभी आठ हजार छात्र
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू ) कैंपस फिर छात्रों से गुलजार हो गया है। इन दिनों कक्षाओं, लैब, ढाबे से लेकर लाइब्रेरी व हॉस्टल में छात्रों के हाथों में किताबें ही दिखती हैं। छात्रों का पूरा ध्यान इन दिनों पढ़ाई पर है।
करीब सभी आठ हजार छात्रों ने विंटर सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन कर लिया है। दिसंबर सेमेस्टर परीक्षा 14 फरवरी तक पूरी हो जाएगी। विश्वविद्यालय में 20 फरवरी से विंटर सेमेस्टर की कक्षाएं भी शुरू होने की उम्मीद है। हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के कारण जेएनयू कैंपस में अक्तूबर से जनवरी तक चले विरोध प्रदर्शन में छात्रों ने कक्षाओं में ताले लगा दिए थे।
जेएनयू शिक्षक संघ के सचिव प्रो. सुरजीत मजूमदार ने बताया कि अक्तूबर से दिसंबर तक छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया था। इसी के चलते उनकी पढ़ाई का नुकसान हुआ था।
छात्रसंघ की मांग पर शिक्षक पिछले दस दिनों से अतिरिक्त कक्षाएं ले रहे थे ताकि पढ़ाई का जो नुकसान हुआ है, उसे पूरा किया जा सके। इसके मद्देनजर अतिरिक्त कक्षाओं के साथ परीक्षा भी चल रही है। हमारी कोशिश है कि 14 फरवरी तक दिसंबर सेमेस्टर परीक्षा पूरी हो जाए। इसके बाद विंटर सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू हो जाएं।
जेएनयू शिक्षक संघ ने शिक्षा में एफडीआई के फैसले पर जताया विरोध
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने केंद्रीय बजट 2020 में शिक्षा में एफडीआई का विरोध किया है। शिक्षक संघ का कहना है कि सरकार शिक्षा का निजीकरण कर रही है। आम छात्रों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। मध्यम व वंचित वर्गों के छात्रों की पहुंच से उच्च शिक्षा दूर हो जाएगी।
जेएनयू शिक्षक संघ के सचिव प्रो. सुरजीत मजूमदार ने कहा कि सरकार ने बजट में अब शिक्षा में एफडीआई की घोषणा कर दी है। इसी डर के चलते जेएनयू के छात्र हॉस्टल फीस बढ़ोतरी का विरोध कर रहे थे।
शिक्षक संघ एफडीआई के बहाने शिक्षा के निजीकरण के फैसले का विरोध करता है। इस फैसले से एक बड़ी आबादी उच्च शिक्षा से दूर हो जाएगी क्योंकि शिक्षा का निजीकरण होने से वे महंगी फीस नहीं दे पाएंगे।