जेएनयू छात्र नजीब केस: सीबीआई की 9 स्टेटस रिपोर्ट में 9 मोबाइल का जिक्र, 3 के डाटा खोलने में नाकाम
सीबीआई ने नजीब अहमद केस की जांच के दौरान नौ स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की थी। एजेंसी ने इन रिपोर्ट में केस प्रगति व दिशा की जानकारी लगातार कोर्ट को दी थी। इन रिपोर्ट में उन नौ मोबाइल फोन का भी जिक्र किया गया जो जांच के दौरान जब्त किए गए थे। इनमें तीन मोबाइल के डाटा का राज सीबीआई खोलने में नाकाम रही।
जस्टिस एस. मुरलीधर व जस्टिस विनोद गोयल की खंडपीठ के समक्ष सीबीआई ने नौ स्टेटस रिपोर्ट पेश कर याची द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दिया था। याची के वकील ने यह रिपोर्ट देने की मांग की थी। इस मांग को सीबीआई के स्थायी अधिवक्ता निखिल गोयल ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि स्टेटस रिपोर्ट केवल कोर्ट के निरीक्षण के लिए होती है।
रिपोर्ट में जब्त किए 9 मोबाइल का जिक्र
सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में उन नौ मोबाइल फोन का भी जिक्र किया था। इसमें कहा गया था कि छह मोबाइल के लॉक को खोल लिया गया था और उनमें से दो मोबाइल का डाटा भी रिकवर हुआ था। बाकी तीन मोबाइल का डाटा हैदराबाद की सीएफएसएल भी रिकवर नहीं कर पाई थी, क्योंकि इनमें एक मोबाइल में पैटर्न लॉक था और दो अन्य मोबाइल टूटे हुए थे।
28 छात्रों व 25 सुरक्षा कर्मियों के दर्ज किए बयान
एजेंसी ने याची के सवाल के जवाब में अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया था कि उसने मोहित पांडेय व पांच अन्य छात्रों के बयान दर्ज किए थे, जिन्होंने नजीब अहमद को झगड़े दौरान बचाया था। इसके अलावा 28 छात्रों व 25 सुरक्षा कर्मियों के बयान भी दर्ज किये थे, लेकिन नजीब का सुराग नहीं मिला था।
नजीब की तलाश के लिए 10 लाख का इनाम भी घोषित किया गया था। सीबीआई ने उन 18 लोगों के बयानों को अपनी रिपोर्ट में शामिल किया था, जिन्होंने घटना का चश्मदीद होने का दावा किया था। इन गवाहों की सूची याची के वकील ने कोर्ट में पेश कर कहा था कि इन लोगों ने जेएनयू प्रशासन को ज्ञापन देकर चश्मदीद होने के बात कही थी, लेकिन इन गवाहों के बयान सीबीआई ने दर्ज नहीं किये थे। इसके बाद कोर्ट ने इन गवाहों से छानबीन कर बयान दर्ज करने का निर्देश दिया था।