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JNU: यौन शोषण मामले में FIR के लिए PM और राष्ट्रपति को खत

Fri, 25 Dec 2015 05:05 AM IST
Updated Fri, 25 Dec 2015 05:05 AM IST
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JNU: sexual abuse case letter to the PM and President for FIR

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में सोमवार को कार्यकारी परिषद की बैठक में यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर (फैकल्टी) को बर्खास्त किए जाने का निर्णय लेने के बाद भी मामला ठंडा पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है।

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मामले में जेएनयू छात्र आरोपी फैकल्टी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए छात्र संगठन संयुक्त सचिव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से मुलाकात कर उनसे मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
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प्रतिनिधिमंडल ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए कुलपति को पत्र भी लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय से भी गुहार लगाई गई है।
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एफआईआर दर्ज नहीं होने से बढ़ रहा मामला

JNU: sexual abuse case letter to the PM and President for FIR

जेएनयू छात्र संगठन संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मामले की पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए थी।


एफआईआर दर्ज कराने के लिए हमने कुलपति से मुलाकात की और उन्हें एक पत्र भी लिखा है, लेकिन अभी तक मामले में कुछ नहीं हुआ। कुलपति के साथ-साथ इस पत्र को राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, एलजी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्रार, दिल्ली हाईकोर्ट रजिस्ट्रार, राष्ट्रीय महिला आयोग, दिल्ली महिला आयोग को भी भेजा गया है।

सोमवार तक एफआईआर दर्ज नहीं होने पर हम राष्ट्रीय महिला आयोग के पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस मामले को लेकर हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

जीएसकैश की जांच में फैकल्टी को दोषी पाया गया

JNU: sexual abuse case letter to the PM and President for FIR

दरअसल, छात्र चाहते हैं कि जब आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कार्यकारी परिषद में फैसला लिया गया है, तो उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होनी चाहिए।


मामलू हो कि जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सहायक प्रोफेसर पर उनकी शोध छात्रा ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। बांग्लादेश की रहने वाली शोध छात्रा ने यौन शोषण की शिकायत विश्वविद्यालय की जेंडर सेंसिटाइजेशन कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हरासमेंट (जीएसकैश) से की थी।

जीएसकैश की जांच में फैकल्टी को दोषी पाया गया। इसके बाद बीते सोमवार को जेएनयू कार्यकारी परिषद ने यौन शोषण के आरोपी सहायक प्रोफेसर को बर्खास्त करने का फैसला लिया।

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