जेएनयू लापता छात्र मामला: अदालत ने कहा हम चाहते है मां को उसका बेटा मिल जाए
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हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) लापता छात्र नजीब अहमद का दो महीने बीतने पर भी पता न चलने पर गहरी चिंता जताई है।
अदालत ने कहा यह काफी दुख का विषय है और हम चाहते है कि एक मां को उसका बेटा वापस मिल जाए। वहीं दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कहा कि अहमद का पता लगाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं लेकिन उसका पता नहीं चल पाया फिलहाल जांच जारी है।
न्यायमूर्ति जी एस सिस्तानी और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की खंडपीठ ने अहमद की मां फातिमा नफीस की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा अगर हम छात्र के बारे में पता लगाने के लिए बुरी कल्पना नहीं कर सकते। हम चाहते है कि वह अपने घर वापस आ जाए और मां को बेटा मिल जाए।
सभी के बयानों से स्पष्ट है कि अहमद के शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं था
अदालत द्वारा सफदरजंग अस्पताल में अहमद को ले जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर दिल्ली पुलिस ने कहा अहमद और विक्रांत कुमार और अन्य छात्रों के बीच हाथापाई हुई थी। ये छात्र माही मंडवी छात्रावास में चुनाव प्रचार के लिए आए थे और आरोप है कि उसे विक्रांत ने थप्पड़ मार दिया।
अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि अहमद को चिकित्सा जांच के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया और विभिन्न गवाहों और अन्य व्यक्तियों द्वारा दर्ज बयानों दर्ज हुए। किसी ने भी कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई।
उन्होंने कहा कि सभी के बयानों से स्पष्ट है कि अहमद के शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं था। इसके बाद वह कासिम के साथ अपने कमरे में आ गया था। जब कासिम ने अहमद की गर्दन के पीछे की ओर अपना हाथ रखा तो उसने दर्द महसूस किया।
2012 के बाद से अहमद अवसाद से पीड़ित हो गया था: पुलिस
कासिम ने छात्रावास वार्डन से संपर्क किया और सुझाव दिया कि अहमद की अस्पताल में जांच कराई जाए। इसके बाद एम्बुलेंस बुलाई गई व अहमद को अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में अहमद ने ईलाज से मना कर दिया और वह गुडगांव में अपनी आंटी के घर जाना चाहता था।
जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि कासिम ने अहमद की मां को ईलाज न करवाने के संबंध में बताया तो उन्होंने कहा कि अहमद को पुरानी समस्या है और उसकी दवाएं कमरे में रखी होंगी। इसके बाद से उसी एंबुलेंस से वापस छात्रावास आ गए और एमएलसी नहीं बनी।
पुलिस ने इससे पहले अदालत को बताया था कि 2012 के बाद से अहमद अवसाद से पीड़ित हो गया था और उसके लापता होने का यह एक कारण हो सकता है। अदालत ने मामले की सुनवाई 14 दिसंबर तय की है।