नजीब के परिवार ने नहीं छोड़ी आस, आज से जेएनयू कैंपस से शुरू होगी विरोध रैली
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस से लापता छात्र नजीब अहमद का दो साल भी कोई सुराग नहीं लग पाया। दिल्ली पुलिस, क्राइम ब्रांच के अलावा सीबीआई भी नजीब को तलाशने में नाकाम रही। अब अदालत ने केस बंद करने की अनुमति भी दे दी है।
जांच एजेंसी और अदालत बेशक केस खत्म कर रही है, लेकिन छात्रसंघ और परिवार ने अभी भी आस नहीं छोड़ी है। कैंपस से नजीब के लापता होने की दूसरी बरसी पर रविवार से विरोध धरना व रैली शुरू होगी, जोकि 16 अक्तूबर को पार्लियामेंट स्ट्रीट में जाकर संपन्न पूरी होगी।
नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस कहती हैं कि बेशक मेरा बेटा सबके लिए एक था नजीब हो, लेकिन मेरी तलाश की जंग जारी रहेगी। मैं अपने बेटे को तलाश कर दुनिया के सामने लाकर रहूंगी। रविवार को जेएनयू कैंपस से विरोध रैली की आवाज शुरू होगी।
जबकि सोमवार को पार्लियामेंट के बाहर मेरी जैसी माएं अपना दर्द सरकार के सामने रखेंगी, जिनके बच्चे लापता हैं। भारत के संविधान और न्यायपालिका पर मुझे पूरा भरोसा है। इसलिए मैं सरकार से लेकर न्यायपालिका से इंसाफ की मांग लगातार करती रहूंगी।
कुलपति के रवैये से नाखुश हैं फातिमा
फातिमा कहती हैं कि विश्वविद्यालय प्रबंधन के रवैये से दुखी हूं। सब आकर मुझे दिलासा देते हैं कि मेरा बेटा मिल जाएगा, लेकिन कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने कभी हाल नहीं पूछा। दो सालों में एक बार भी विश्वविद्यालय प्रबंधन हमारे परिवार के साथ नहीं खड़े हुए।
कुलपति तो विश्वविद्यालय का पिता होता है, जिसके लिए सारे छात्र बच्चे। एक छात्र कैंपस से लापता हुआ, लेकिन कुलपति ने कभी हमसे मिलकर तलाश में साथ देने का आश्वासन तक नहीं दिया।