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जामिया छात्रों को मिला यशवंत सिन्हा और वृंदा करात का समर्थन, सीएए स्वीकार न करने की दी सलाह
Mon, 06 Jan 2020 09:16 PM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Mon, 06 Jan 2020 09:16 PM IST
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यशवंत सिन्हा
- फोटो : Amar Ujala
जामिया विश्वविद्यालय में लगातार 25 दिनों से जारी छात्रों के सत्याग्रह और भूख हड़ताल को पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा और सीपीआई नेता वृंदा करात ने छात्रों के बीच पहुंच उन्हें अपना समर्थन दिया। उन्होंने छात्रों को सत्याग्रह जारी रखने की सलाह देते हुये कहा कि सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर छात्रों का ध्यान सत्याग्रह से भटकाने के लिए जेएनयू के छात्रों पर हमला किया गया है। जेएनयू के जिन छात्रों ने जामिया के छात्रों के सत्याग्रह का समर्थन किया था, उन्हें पहचान कर पीटा गया है।
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जामिया विश्वविद्यालय खुला था और छात्र भी सामान्य तरीके से विश्वविद्यालय आ जा रहे थे लेकिन सत्याग्रह कर रहे छात्र अपनी जगह पर जमे हुए थे। यहां छात्रों के बीच पहुंचे यशवंत सिन्हा ने कहा कि देश में बेरोजगारी और भुखमरी चरम पर है, विश्वविद्यालयों में सरेआम छात्रों और पत्रकारों को मारा जा रहा है।
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वहीं, मौजूदा केंद्र सरकार अपनी नाकामियां छुपाने के लिए आए दिन गैरजरूरी कानून लेकर आती रहती है ताकि वह देश की मासूम जनता को गुमराह कर सके। उन्होंने छात्रों से कहा कि वह कभी सीएए और एनआरसी जैसे कानून नहीं स्वीकार करेंगे। वहीं वृंदा करात ने कहा कि मौजूदा सरकार को देश के किसी नागरिक की परवाह नहीं है, उसे छात्रों और उसके हितों से कोई लेना देना नहीं है। इसीलिए आए दिन उनकी पुलिस विश्वविद्यालयों के अंदर घुसकर छात्रों को पीटती रहती है।
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भूख हड़ताल जारी, रोजाना निकल रहा कैंडल मार्च
सीएए के खिलाफ आवाज उठाते हुए जिन लोगों की पुलिस द्वारा पिटाई की गई है, जो लोग प्रभावित हुए हैं, उनके सम्मान में जामिया परिसर और शाहीन बाग में रोजाना कैंडल मार्च निकाला जाता है। सोमवार को भी दोनों जगहों पर सत्याग्रह जारी रहा। जामिया विश्वविद्यालय के पांच छात्र सोमवार को भी भूख हड़ताल पर बैठे रहे। इस दौरान वे सरकार, एनआरसी और सीएए के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।