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15 जून तक पूरा होगा जेवर एयरपोर्ट का सर्वे, डीजीसीए व प्राधिकरण की हुई बैठक
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 09 May 2017 11:03 PM IST
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जेवर में एयरपोर्ट बनाने के लिए ओएलएस सर्वे 15 जून तक पूरा हो जाएगा। नागरिक उड्डयन निदेशालय और यमुना प्राधिकरण की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
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नागरिक उड्डयन निदेशालय, लखनऊ के निदेशक देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि ओएलएस (ऑब्सटेकल लिमिटेशन सरफेस) सर्वे की जिम्मेदारी राइट्स को दी गई है। 15 जून तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। इससे पहले प्राधिकरण से जमीन का सर्वेक्षण करने को कहा गया है।
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प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर जाकर देख लें कि उनकी जमीन पर किसी तरह का निर्माण तो नहीं हुआ है। इसके लिए अधिसूचित जमीन पर किसी तरह का कब्जा तो नहीं हैं। कितनी जमीन उपलब्ध है और कितनी अधिग्रहीत करने की जरूरत है।
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इस रिपोर्ट के साथ शुक्रवार को फिर प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार के साथ बैठक होगी, जिसमें निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में शामिल यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि शुक्रवार तक जमीन का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। बता दें कि जेवर में एयरपोर्ट के लिए यमुना प्राधिकरण ने 5000 हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर रखी है। ये जमीन जेवर के करीब 15 गांवों की है, जिनमें सांसद का आदर्श गांव नीमका, थोरा, किशोरपुर, रामनेर, बनवारीपुर आदि शामिल हैं। फिलहाल इस जमीन पर खेती होती है।