जम्मू-कश्मीर: चार महीने में 50 लाख 33 हजार 966 घरेलू पर्यटक पहुंचे
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव अरविंद सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर से लेकर लद्दाख घरेलू पर्यटकों से गुलजार है। महामारी में देश के हर कोने से पर्यटक यहां पहुंचे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में अक्तूबर 2021 से लेकर जनवरी 2022 तक 50 लाख 33 हजार 966 घरेलू पर्यटक पहुंचे हैं। महामारी में जब पर्यटन क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ था, ऐसे में जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं। जून तक पूरे होटल, होम स्टे, शिकारा आदि की बुकिंग फुल हैं। ऐसे में उम्मीद है कि जून तक यह आंकड़ा एक करोड़ पार कर जाएगा।
खास बात यह है कि श्रीनगर से लेह - लद्दाख को जोड़ने वाला जोजिला दर्रा(पास) पर करीब 14 किलोमीटर लंबी टनल का काम तेजी से चल रहा है। इसके निर्माण की तय समय-सीमा 2026 हैं, लेकिन 2024 तक तैयार हो जाएगी। इसके बाद श्रीनगर से कारगिल की ओर 12 महीने पर्यटक आ जा सकेंगे। पर्यटकों के चलते स्थानीय युवाओं को रोजगार के मौके उपलब्ध हो रहे हैं।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव अरविंद सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर से लेकर लद्दाख घरेलू पर्यटकों से गुलजार है। महामारी में देश के हर कोने से पर्यटक यहां पहुंचे हैं। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने मिलकर वहां पर्यटकों के लिए माहौल तैयार किया है। इसके लिए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख प्रशासन के सहयोग से 2021 में पर्यटकों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी।इसमें 2021 में श्रीनगर में जनभागीदारी, अक्तूबर में पहलगाम में गोल्फ टूर्नामेंट तो अगस्त में लद्दाख में एंडबेंचर टूरिज्म व होम स्टे पर काम किया गया था।
कारगिल वार-मेेमोरियल से पर्यटकों को जोड़ना
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, सरकार की कोशिश है कि जम्मू-कश्मीर आने वाले पर्यटकों को कारगिल वार-मेेमोरियल से भी जोड़ा जाए। देश जब आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तो युवाओं को पता होना चाहिए कि कारगिल युद्ध में कितने वीरों ने अपनी जान देश के लिए न्यौछावर की है। जोजिला दर्रा पर बनने वाली टनल इसमें सबसे बड़ी सहायक होगी। टनल के दोनों ओर मंत्रालय पर्यटक जानकारी केंद्र खोलेगा। युवा कारगिल आने के दौरान वार -ममोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धाजंलि दे सकेंगे।
नाइट लैंडिंग के चलते पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी
श्रीनगर में पहले नाइट लैंडिंग ( रात की फ्लाइट) नहीं होती थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पिछले साल इसकी शुरुआत की। इससे पर्यटक अब देश के किसी भी कोने से कभी भी आ- जा सकते है। श्रीनगर से हर हफ्ते 512 फ्लाइट आती-जाती है। लेह के लिए यह आंकड़ा 162 फ्लाइट का है। बंगलूरू से श्रीनगर के लिए सीधी फ्लाइट शुरू होने से दक्षिण भारत का पर्यटक भी सीधे आ रहा है। आने वाले दिनों में इसमें बढ़ोतरी होगी।- रूपदिंर बरार, अतिरिक्त महानिदेशक, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार।