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जामिया की छात्राओं का आरोप, पुलिस ने निजी अंगों पर किए हमले, कई के टूटे हाथ-पैर

Wed, 12 Feb 2020 07:51 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 12 Feb 2020 07:51 PM IST
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Jamia female students accused delhi police attacked on her private parts
जामिया प्रदर्शनकारी - फोटो : Amar Ujala

जामिया कॉर्डिनेश कमेटी (जेसीसी) ने 10 फरवरी को प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर उन्हें रोकने की कोशिश में छात्रा-छात्राओं के निजी अंगों को चोटिल करने का आरोप लगाया है। जामिया के जेसीसी ऑफिस में बुधवार को प्रेस वार्ता कर छात्राओं ने पुलिस पर अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर हाथ-पैर तोड़ने का भी आरोप लगाया है।  

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छात्राओं की मांग है कि प्रदर्शन वाले दिन दोषी पुलिस वालों की जांच कर उन पर कार्रवाई की जाए। जेसीसी ने दिल्ली पुलिस से पूछा है कि वह खुद तारीख बता दें हम उस दिन संसद मार्ग तक पैदल मार्च करेंगे। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने इस आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
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जामिया की छात्राओं ने दिल्ली पुलिस पर उनके निजी अंगों पर हमला करने का आरोप लगाया है। छात्रा चंदा यादव का कहना है कि इस दफा पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए नयाब तरीका तलाशा था। पुलिस वाले अत्याधुनिक ड्रेस व हथियारों से लैस थे। यह पुलिसवाले बैरिकेड के आगे खड़े हो गए, जैसे ही छात्र शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहे थे तभी उनमें से कुछ पुलिस वालों ने कपड़ों में लैस हथियारों से हमला कर दिया। अपनी करतूत को छिपाने के लिए पुलिस ने महिला पुलिसवालों का एक घेरा बना रखा था। 
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पुलिस की इस बर्बरता की चपेट में आकर कई छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से चोटिल हो गए, जिन्हें जामिया के अस्पताल ले जाया गया। यहां छात्रों की हालत देखकर उन्हें पास के अलशफा अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने भी छात्रों के गंभीर रूप से चोटिल होने की पुष्टि की है। अपने चोट दिखाने के लिए चोटिल छात्र खुद प्रेस वार्त में मौजूद रहे। 

छात्रों का कहना है कि मौजूदा सरकार का रवैया देखकर लगता है वह संविधान बदलने का प्रयास कर सकते हैं। सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भी पुलिस से अलग तरीके से हमला करवाती है। अगर पुलिस का ऐसा ही रवैया रहा तो छात्र बड़े आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे। छात्रों ने दिल्ली पुलिस से शांतिपूर्ण तरीके से पैदल मार्च निकालने की अनुमति मांगी है। 

परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप 

Jamia female students accused delhi police attacked on her private parts
जामिया प्रदर्शनकारी - फोटो : अमर उजाला

जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी का आरोप है कि जो छात्र सीएए-एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे उनके परिवारवालों को पुलिस झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रही है। छात्रों का दावा है कि पुलिस उन पर गलत आरोप लगाकर प्रदर्शन खत्म करने की धमकी देती है। पुलिस दावा करती है कि जेसीसी की बैठक की हर जानकारी उनके पास है। कमेटी ने बताया कि यहां कुछ ऐसे लोग पुलिस से मिले हुए हैं जो जेसीसी की बैठकों की तस्वीरें उन्हें भेजा करते हैं। 
 

दिल्ली पुलिस की सफाई

Jamia female students accused delhi police attacked on her private parts
जामिया प्रदर्शनकारी - फोटो : अमर उजाला
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि पूरे प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग हो रही है। इस तरह का कार्य किसी पुलिसकर्मी द्वारा नहीं किया गया है। जो छात्र बेहोश हुए हैं वह भगदड़ की वजह से हुए हैं। छात्र ही भगदड़ मचा रहे थे। 
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