फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   It was written in the message of ransom that if you ried to be smart you will also be killed

अपहरण और हत्या का मामलाः फिरौती के मैसेज में लिखा था होशियारी की तो तुम्हे भी उठा लेंगे

Wed, 07 Oct 2020 03:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा अरुण कुमार, नई दिल्ली
अरुण कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 07 Oct 2020 03:18 AM IST
विज्ञापन
It was written in the message of ransom that if you ried to be smart you will also be killed
demo pic...

रोहिणी में मनन की अपहरण के बाद हत्या करने वाले जीवक नागपाल को बच्चे के घर की पल पल की खबर थी। बच्चे के पिता राजेश महाजन अपने बड़े बेटे वैभव महाजन के साथ चंडीगढ़ गए हुए थे और तभी मौका पाकर दोषी ने बच्चे को स्टेशनरी की दुकान के पास से अगवा किया था। बच्चे को अगवा करके दोषी भी घबरा गया था और उसने इसी दौरान उसी नंबर से अपने दोस्त को कॉल कर दिया, जिससे उसने फिरौती के लिए मैसजे भेजे थे। इस कॉल के बैकग्राउंड में मनन की आवाज भी पुलिस ने रिकॉर्ड कर ली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि दोषी ने पकड़े जाने के डर से मासूम मनन पर कई बार घातक वार किये थे। 

विज्ञापन


15 मार्च 2009 को मनन के पिता अपने बेटे के साथ चंडीगढ गए थे। इस दौरान मनन अपने चाचा ब्रजेश महाजन के साथ रह रहा था। इसी दौरान दोषी जीवक नागपाल ने योजनाबद्ध तरीके से पहले मनन का इंतजार किया था और जब वह शाम को घर से बाहर निकला तो उसे अपनी वैगन आर कार में घुमाने का झांसा देकर अगवा कर दिया। जब मनन को खतरे का आभास हुआ था तो उसे कार में शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी दौरान दोषी जीवक आपा खो बैठा और मनन का कई बार गला दबाया, लेकिन वह बार होश में आ गया। इसके बाद उसने कार में रखे पेंचकस से उसपर कई बार वार किया।
विज्ञापन


फिरौती के मैसेज में लिखा था होशियारी मत करना
मनन को कार में अगवा करने के बाद जीवक ने उसके चाचा को 9990401054 माबाइल नंबर से लगातार कई मैसेज भेजे थे। मनन के घर ना पहुंचने के कारण परेशान चाचा ब्रजेश ने फोन चेक किया तो फिरौती के मैसेज देखकर उनके होश उड़ गए। पहले मैसेज में दोषी ने लिखा था कि हमने आपके बेटे मनन को किडनैप कर लिया है, अब हम जैसे कहें वैसे करते जाओ, पुलिस को बताने की होशियारी मत करना। दूसरे मैसेज में लिखा था कि हमें 25 लाख रुपए 30 मिनट के अंदर अंदर चाहिए, फिर हम आगे बताएंगे कि क्या करना है। इसके बाद एक मैसेज भेजकर दोषी फिरौती की रकम को बढ़ाकर 55 लाख और फिर 7 करोड़ कर दिया। फिरौती की रकम देने के लिए अगले दिन की शाम को 7 बजे तक देने का अल्टीमेटम दिया गया। इसके साथ मैसेज में धमकी दी गई कि अगर घर वालों ने शोर मचाया तो तुम्हे भी ऐसे ही उठा लेंगे जैसे मनन को उठाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने किया शरीर पर गहरे घाव होने का खुलासा
फिरौती मांगने के दौरान मनन की हत्या कर देने के बाद जब जीवक तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस के हत्थे चढ़ गया तो मनन के शव को बरामद करने के बाद पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मनन के मुंह और शरीर के अन्य हिस्सों पर कई घाव  थे। ये घाव के निशान 0.3 सेंटीमीटर से लेकर 8 सेंटीमीटर तक के थे। मनन का शव पुलिस ने हत्या के 17-18 घंटे बाद बरामद किया था। मनन की मुट्ठी में दोषी के बाल मिले थे और उसके हाथों के नाखून हिली हुई अवस्था में मिले थे।

वारदात को अंजाम देने के लिए खरीदा था चाइजीन फोन
दोषी ने पकड़े जाने के बाद कबूला था कि उसने वारदात को अंजाम देने के लिए टीआ नामक चाइनीज कंपनी का मोबाइल फोन 1200 में खरीदा था। इसके साथ ही उसने एक फर्जी नाम और पते पर एक सिम भी लिया था। वारदात के बाद पुलिस ने दोषी के पास दो फोन और सिम बमराद किए थे।


पड़ोसी होने का फायदा उठाकर किया विश्वासघात
मनन के चाचा ब्रजेश महाजन का कहना है कि जीवक का घर उनके पड़ोस में था और इसी वजह से वे उसे जानते थे। जीवक के पिता ने अपना घर बेच दिया था और वह इसी जगह किराए पर रहने लगे थे। इसी दौरान जीवक ने उनके भरोसे का फायदा उठाकर इस वारदात को अंजाम दिया और उनके मासूम भतीजे की हत्या कर डाली। हालांकि इस वारदात के बाद से जीवक का परिवार अन्य किराए के घर में शिफ्अ हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed