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'ISI ऐजेंट मूर्ख बनाकर लेते थे जानकारी, पाक से आने थे करोड़ों'

Tue, 08 Dec 2015 02:08 AM IST
Updated Tue, 08 Dec 2015 02:08 AM IST
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ISI agent make fools and get information, were coming carores from pakistan

पश्चिमी बंगाल के जलपाईगुड़ी से गिरफ्तार सेना का राइफलमैन फरीद खान उर्फ सर्जन सबसे ज्यादा गोपनीय दस्तावेज देता था। उसे सेना के हेड क्वार्टर में जो भी सीक्रेट फाइल दिखती थी, वह उसकी फोटोस्टेट करा लेता था या फिर उसकी फोटो मोबाइल से खींच लेता था।

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ये गुप्त सूचनाएं वह आरोपी शिक्षक मोहम्मद साबिर को देता था। इसके बाद साबिर पाकिस्तान में बैठे आईएसआई हैंडलर फैजल को गोपनीय दस्तावेज व गुप्त सूचनाएं भेज देता था।
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अपराध शाखा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जासूसी के इस रैकेट में शामिल साबिर कंप्यूटर का एक्सपर्ट था। इस कारण आईएसआई हैंडलर फैजल को ई-मेल व वाट्सऐप के जरिये गोपनीय दस्तावेज भेजने का जिम्मा उसे ही सौंपा गया था।
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फरीद का खुलासा उसे बनाया जाता था मूर्ख

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सेना कि राइफलमैन फरीद खान ने बताया कि वर्ष 2008 से 2011 तक वह हैदराबाद में तैनात था। 2014 में उसका तबादला पुंछ (जम्मू-कश्मीर) में हो गया।


वहां वह साबिर के जरिये कफायतुल्ला के संपर्क में आया और इन लोगों को गुप्त सूचनाएं देने लगा। इसके बाद उसका तबादला सिलीगुड़ी में सेना के हेड र्क्वाटर में हो गया। यहां से भी वह गुप्त सूचनाएं भेज रहा था।

पूछताछ के दौरान फरीद ने बताया है कि जब गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तान चले जाते थे तो उससे कहा जाता था कि ये दस्तावेज उनके पास पहले से हैं, इसलिए वह दूसरे गोपनीय दस्तावेज भेजे।

पाकिस्तान से आने थे करोड़ों रूपए

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इस तरह उसे बेवकूफ बनाकर बार-बार गोपनीय दस्तावेज मांगे जाते रहे। इस काम के लिएफरीद को मात्र 50 हजार रुपये मिले हैं। ये उसके बैंक खाते से पता चला।

कफायतुल्ला ने बताया कि वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के जरिये पाकिस्तान से करोड़ों रुपये आने थे। उसे करोड़ों रुपये देने की बात कही गई थी। अभी पूरी रकम नहीं आई है।

पुलिस का कहना है कि अभी इस बात का पता लगाया जा रहा है कि वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के जरिये उसके खाते में अभी तक कितनी रकम आई है।

दो ग्रुप में बंटा था रैकेट, कफायतुल्ला था आका

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रैकैट के लोग दो ग्रुप में बंटे हुए थे। इसमें शामिल लोग एक-दूसरे को कम ही जानते हैं। पुलिस के अनुसार कफायतुल्ला का लिंक मुनव्वर, फिर साबिर और इसके बाद सेना के राइफलमैन फरीद खान से हुआ था।

दूसरा ग्रुप पाक हैंडलर फैजल, कफायतुल्ला और बीएसएफ क हवलदार अब्दुल रशीद का था। पहले ग्रुप में साबिर और दूसरे ग्रुप में शामिल अब्दुल रशीद गुप्त सूचनाएं पाकिस्तान भेजता था।

कफायतुल्ला दोनों की ग्रुप का आका था।

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