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Delhi NCR News: आईपीयू ने बीसीएए बीबीएए बीटेकए बीकॉम के स्पॉट राउंड-2 का रिजल्ट रोका
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-तकनीकी खामी के चलते दोबारा होगी जांच, परिणाम होगा संशोधित
-इससे पहले बीएजेएमसी और बीए इंग्लिश (ऑनर्स) के विभिन्न काउंसलिंग राउंड के परिणाम भी तीन बार निरस्त किए जा चुके हैं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (आईपीयू) ने शनिवार को बीटेक, बीबीए, बीसीए, बीकॉम (ऑनर्स) और पांच वर्षीय एलएलबी सहित कई प्रमुख कार्यक्रमों की दूसरी ऑनलाइन स्पॉट काउंसलिंग के हाल ही में जारी परिणाम को निरस्त कर दिया। इससे पहले बीएजेएमसी और बीए इंग्लिश (ऑनर्स) के विभिन्न काउंसलिंग राउंड के परिणाम भी तीन बार निरस्त किए जा चुके हैं। इससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ी है। इस कारण अब रविवार को होने वाली तीसरे स्पॉट राउंड की काउंसलिंग नहीं होगी। प्रशासन जल्द ही नया शेड्यूल जारी करेगा।
विश्वविद्यालय के संज्ञान में आया है कि काउंसलिंग सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामी के कारण कुछ छात्रों को अनजाने में सीटें आवंटित हो गईं। ऐसे में विश्वविद्यालय ने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए स्पॉट राउंड-2 के परिणाम की दोबारा जांच कर उसे संशोधित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत बीसीए. बीबीए, बीटेक, बीकॉम (ऑनर्स) और एलएलबी कार्यक्रमों के परिणाम की दोबारा जांच की जाएगी। इन पाठ्यक्रमों के छात्रों को संशोधित परिणाम का इंतजार करना होगा। विश्वविद्यालय ने सभी छात्रों को सलाह दी है कि वे नियमित अपडेट के लिए वेबसाइट देखते रहें। वहीं बार-बार रिजल्ट रद्द होने से छात्रों में रोष है। छात्रों का आरोप है कि बार-बार परिणाम रद्द होने से उनकी पढ़ाई और कॅरिअर को लेकर अनिश्चितता पैदा हो रही है।
आवेदकों के मुताबिक काउंसलिंग में कॉलेज आवंटित होने के बाद जब कुछ छात्र दाखिले के लिए संबंधित कॉलेज पहुंचे तो विश्वविद्यालय का पोर्टल काम नहीं कर रहा था। इस कारण कई छात्र निर्धारित समय पर दाखिला प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। छात्रों ने विश्वविद्यालय के पोर्टल पर रिक्त सीटों की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर भी सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि एडमिशन प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। नाराज छात्र इस मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने की तैयारी भी कर रहे हैं। वहीं डीयू कार्यकारी परिषद सदस्य अमन कुमार ने उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि आईपी यूनिवर्सिटी की इस वर्ष की एडमिशन प्रक्रिया की जांच के लिए विशेष समिति गठित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक काउंसलिंग राउंड से पहले विश्वविद्यालय के पोर्टल पर रिक्त सीटों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। वहीं इस मामले को कोर्ट तक ले जाने की योजना बनाई जा रही है।
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-इससे पहले बीएजेएमसी और बीए इंग्लिश (ऑनर्स) के विभिन्न काउंसलिंग राउंड के परिणाम भी तीन बार निरस्त किए जा चुके हैं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (आईपीयू) ने शनिवार को बीटेक, बीबीए, बीसीए, बीकॉम (ऑनर्स) और पांच वर्षीय एलएलबी सहित कई प्रमुख कार्यक्रमों की दूसरी ऑनलाइन स्पॉट काउंसलिंग के हाल ही में जारी परिणाम को निरस्त कर दिया। इससे पहले बीएजेएमसी और बीए इंग्लिश (ऑनर्स) के विभिन्न काउंसलिंग राउंड के परिणाम भी तीन बार निरस्त किए जा चुके हैं। इससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ी है। इस कारण अब रविवार को होने वाली तीसरे स्पॉट राउंड की काउंसलिंग नहीं होगी। प्रशासन जल्द ही नया शेड्यूल जारी करेगा।
विश्वविद्यालय के संज्ञान में आया है कि काउंसलिंग सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामी के कारण कुछ छात्रों को अनजाने में सीटें आवंटित हो गईं। ऐसे में विश्वविद्यालय ने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए स्पॉट राउंड-2 के परिणाम की दोबारा जांच कर उसे संशोधित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत बीसीए. बीबीए, बीटेक, बीकॉम (ऑनर्स) और एलएलबी कार्यक्रमों के परिणाम की दोबारा जांच की जाएगी। इन पाठ्यक्रमों के छात्रों को संशोधित परिणाम का इंतजार करना होगा। विश्वविद्यालय ने सभी छात्रों को सलाह दी है कि वे नियमित अपडेट के लिए वेबसाइट देखते रहें। वहीं बार-बार रिजल्ट रद्द होने से छात्रों में रोष है। छात्रों का आरोप है कि बार-बार परिणाम रद्द होने से उनकी पढ़ाई और कॅरिअर को लेकर अनिश्चितता पैदा हो रही है।
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आवेदकों के मुताबिक काउंसलिंग में कॉलेज आवंटित होने के बाद जब कुछ छात्र दाखिले के लिए संबंधित कॉलेज पहुंचे तो विश्वविद्यालय का पोर्टल काम नहीं कर रहा था। इस कारण कई छात्र निर्धारित समय पर दाखिला प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। छात्रों ने विश्वविद्यालय के पोर्टल पर रिक्त सीटों की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर भी सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि एडमिशन प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। नाराज छात्र इस मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने की तैयारी भी कर रहे हैं। वहीं डीयू कार्यकारी परिषद सदस्य अमन कुमार ने उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि आईपी यूनिवर्सिटी की इस वर्ष की एडमिशन प्रक्रिया की जांच के लिए विशेष समिति गठित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक काउंसलिंग राउंड से पहले विश्वविद्यालय के पोर्टल पर रिक्त सीटों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। वहीं इस मामले को कोर्ट तक ले जाने की योजना बनाई जा रही है।
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