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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत आ रहे थे विदेशी हथियार, 10 गिरफ्तार
Wed, 25 Mar 2026 10:36 AM IST
Vijay Singh Pundir
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Wed, 25 Mar 2026 10:36 AM IST
सार
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से जुड़े इस गिरोह के 10 गुर्गों को गिरफ्तार किया है।
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विदेशी हथियार तस्करी रैकेट का पर्दाफाश
- फोटो : IANS
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विस्तार
पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से जुड़े हथियार तस्करी मॉड्यूल का दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने खुलासा कर 10 तस्करों को दबोचा है। आरोपियों के पास से विदेश निर्मित 21 अत्याधुनिक हथियार और 200 कारतूस का जखीरा बरामद किया गया है। इनमें सब-मशीन गन, ऑटोमैटिक पिस्तौल शामिल हैं।
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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि जब्त हथियारों में विशेष बलों की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली पीएक्स-5.7 पिस्तौल, तुर्किये निर्मित स्टोएगर पिस्तौल, चीन की पीएक्स-3 पिस्तौल, चेक गणराज्य की शैडो सीजेड पिस्तौल, साथ ही इटली की बरेटा, ब्राजील की टॉरस और जर्मनी की वाल्थर पिस्तौल शामिल हैं। पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से जुड़े इस अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी रैकेट का संचालन दिल्ली-6 (पुरानी दिल्ली) से हो रहा था। हथियारों की तस्करी भारत में पाकिस्तान से भारत-नेपाल सीमा के रास्ते आती थी और फिर इन्हें दिल्ली-एनसीआर तथा अन्य राज्यों के आपराधिक गिरोहों को सप्लाई किया जाता था। पुलिस उपायुक्त यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह मॉड्यूल एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा है। आरोपी कथित तौर पर पड़ोसी देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय हैंडलरों और आपूर्तिकर्ताओं के संपर्क में थे।
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इन्हें किया गया गिरफ्तार
मोहल्ला निहारियां निवासी राहिल, हासिम, शांति नगर निवासी सैम, गाजियाबाद निवासी सोनू गुप्ता, दिल्ली के शाहदरा का रहने वाला घनश्याम शर्मा उर्फ घनी , मौजपुर निवासी वसीम मलिक, आनंद विहार निवासी निशांत अरोड़ा उर्फ अंकित उर्फ नोनी, बुलंदशहर निवासी नवाब, अजमेरी गेट निवासी मो. नौमान और सिकंदराबाद निवासी मो. नौशाद।
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एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का करते थे इस्तेमाल
ये लोग एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स और वीओआईपी कॉल्स का इस्तेमाल करते हैं और अक्सर अपने सिम कार्ड और मोबाइल डिवाइस बदलते रहते हैं। सभी भुगतान हवाला चैनलों के जरिये किया जाता है। गिरफ्तार आरोपी बांग्लादेश और नेपाल में बैठे अपने आकाओं (हैंडलर्स) के सीधे संपर्क में थे, जो पाकिस्तान से अवैध हथियार और गोला-बारूद मंगवाते थे।
बुलंदशहर का शाहबाज अंसारी था सरगना
इस मॉड्यूल के बारे में और जानकारी जुटाने के दौरान यह बात सामने आई कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी शाहबाज अंसारी इस मॉड्यूल का सरगना है। वह हथियारों की तस्करी करने वाला एक अंतर-राज्यीय अपराधी है, जिस पर कथित तौर पर उत्तरी भारत खासकर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और आस-पास के राज्यों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को अवैध हथियार पहुंचाने का आरोप है। वह पाकिस्तान से अवैध हथियार और गोला-बारूद मँगवाता था और नेपाल सीमा के रास्ते उन्हें भारत में तस्करी करके लाता था।
मूसेवाला की हत्या का आरोपी है सरगना
मुख्य सरगना बताया जाने वाला शाहबाज अंसारी को 2022 में एनआईए ने हथियारों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था। इसका संबंध मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से भी था। अंसारी पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्यों को अवैध हथियार और गोला-बारूद सप्लाई करने का भी आरोप है, जिनका इस्तेमाल उक्त हत्या में किया गया था। इसका भाई, शहजाद अंसारी दुबई में रहता है और उस पर पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से संपर्क बनाए रखने का आरोप है। दोनों भाइयों का पूरा परिवार हथियारों की तस्करी के गिरोह का हिस्सा है। शाहबाज के साथियों में उसका जीजा इमरान और रिश्तेदार कामरान शामिल हैं। इन पर नेपाल के रास्ते भारत में हथियारों की खेप की तस्करी करने का आरोप है। ये खेप राहिल को सौंपी जाती थीं जो शाहबाज़ के निर्देशों पर पूरे दिल्ली-एनसीआर में फैले आपराधिक गिरोहों तक पहुंचा दी जाती थी।