{"_id":"b806cfa8451fd727c7ae7b92530b7135","slug":"increased-pollution-in-ganga","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले तो ऐसी नहीं थी गंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले तो ऐसी नहीं थी गंगा
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 04 Feb 2014 01:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा है कि देश की नदियों की हालत बेहद गंभीर है। गंगा सहित देश की सभी नदियों की हालत बहुत दयनीय है। नदियों में प्रदूषण को रोकने के लिए जल सुरक्षा बिल बनाना जरूरी है।
विज्ञापन
सोमवार को गाजियाबाद आए जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने विशेष बातचीत में कहा कि गंगा, यमुना, साबरमती, गोमती, हिंडन सहित देश की सभी नदियां प्रदूषित हो चुकी हैं। गंगा का जल तो पीना तो दूर स्नान करने योग्य भी नहीं है।
विज्ञापन
इसलिए गंगा स्नान पर प्रतिबंध लगाया जाए और घाटों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाएं कि गंगा का जल पीने और स्नान करने योग्य नहीं है। उन्होंने बताया कि गुजरात की नदियों की हालत देश में सबसे खराब है।
विज्ञापन
नरेंद्र मोदी ने साबरमती नदी के शुद्धिकरण के लिए उसके किनारों पर कंक्रीट का प्लेटफार्म बनवा दिया है। इससे साबरमती का अस्तित्व ही खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि नदियों में प्रदूषण को रोकने के लिए पथरीकरण उपाय नहीं है। इसके लिए जल सुरक्षा बिल की आवश्यकता है।
सभी शहरों के निगम दो काम करें तो प्रदूषण रुक सकता है। पहला नदियों का सीमांकन और चिन्हीकरण किया जाए और दूसरा शहर के सभी नालों को नदियों में गिरने से रोका जाए।