बच्ची को गाजीपुर से अगवा करने के मामले में पुलिस पर लगा आरोप, कहा- मौलवी को बचाने की कर रहे कोशिश
दिल्ली के गाजीपुर इलाके से अगवा 11 वर्षीय बच्ची के गाजियाबाद स्थित मदरसे से मिलने के मामले में मंगलवार को गाजीपुर थाने के बाहर खूब हंगामा हुआ।
बच्ची को अगवा करवाने और उसके यौन शोषण के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कई हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। हंगामे के बीच इन लोगों का आरोप था कि पुलिस जानबूझकर मौलवी को बचाने का प्रयास कर रही है।
मौलवी की गिरफ्तारी व बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए परिजनों ने बच्ची के परिवार को बंधक बनाने के भी आरोप लगाए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा अपराध शाखा को सौंप दिया है।
शनिवार को दिन में 17 साल के एक किशोर ने 11 साल की लड़की को गाजीपुर इलाके से अगवा कर लिया था। परिजनों की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने रविवार देर रात अर्थला के पास गाजियाबाद के एक मदरसे से मासूम को मुक्त कराया।
पुलिस के खिलाफ खूब नारेबाजी की
पुलिस ने मदरसे से मौलवी, एक युवक व नाबालिग समेत तीन को हिरासत में लिया। सोमवार को मासूम के कोर्ट में 164 के बयान हुए, जिसके बाद सोमवार शाम को पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ दुष्कर्म, पोक्सो व अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। मौलवी और नाबालिग के बड़े भाई से पूछताछ हुई।
आरोप है कि रविवार रात से मंगलवार शाम तक लड़की, उसके माता-पिता व दो मामा को थाने से बाहर नहीं निकलने दिया। मामले की खबर मिलते ही हिंदू संगठन गाजीपुर थाने पहुंच गए।
वहां पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए काले झंडे दिखाए गए। अखंड भारत मोर्चा, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू रक्षा दल, सुदर्शन हिंदू वाहिनी के अलावा बजरंग दल व अन्य संगठन के लोग मौजूद रहे।
इन संगठनों का कहना था कि मदरसे के मौलवी की शह पर ही बच्ची को जानबूझकर अगवा कर उसका यौन शोषण किया गया। हिंदू संगठनों का कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई जो वह गुरुवार को भी थाने का घेराव करेंगे।
अपराध शाखा को सौंपी गई जांच
मासूम के परिजनों का आरोप है कि उसके साथ मदरसे में गैंगरेप किया गया है। वारदात से पूर्व मासूम को नशीला पदार्थ पिलाया गया। घटना के बाद से मासूम बुरी तरह डरी हुई है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं पूर्वी रेंज के संयुक्त आयुक्त रवींद्र यादव ने बताया कि मामले की आगे जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई है।