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झालमुड़ी के मामले में जनता ने अपमान का दिया जवाब : प्रवीण खंडेलवाल
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद राजधानी में भी राजनीतिक संदेश देने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी क्रम में चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने नई दिल्ली में झालमुड़ी कार्यक्रम आयोजित कर जीत का जश्न मनाया और इसे जनभावनाओं से जुड़ा प्रतीक बताया। प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि झालमुड़ी अब केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस झालमुड़ी का मजाक ममता बनर्जी और विपक्ष ने उड़ाया, उसी ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उनके अनुसार, यह नतीजा जनता की भावनाओं के सम्मान और अपमान के बीच के अंतर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकल के लिए वोकल की नीति के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश स्पष्ट है। जब प्रधानमंत्री ने बंगाल में एक सामान्य दुकान पर झालमुड़ी खाई, तो विपक्ष ने उसका मजाक उड़ाया, जिसे जनता ने गंभीरता से लिया। खंडेलवाल ने कहा कि झालमुड़ी बंगाल के हर वर्ग से जुड़ी है और उसका उपहास करना वहां की संस्कृति और आम लोगों का अपमान था। उन्होंने दावा किया कि जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया है।
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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद राजधानी में भी राजनीतिक संदेश देने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी क्रम में चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने नई दिल्ली में झालमुड़ी कार्यक्रम आयोजित कर जीत का जश्न मनाया और इसे जनभावनाओं से जुड़ा प्रतीक बताया। प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि झालमुड़ी अब केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस झालमुड़ी का मजाक ममता बनर्जी और विपक्ष ने उड़ाया, उसी ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उनके अनुसार, यह नतीजा जनता की भावनाओं के सम्मान और अपमान के बीच के अंतर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकल के लिए वोकल की नीति के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश स्पष्ट है। जब प्रधानमंत्री ने बंगाल में एक सामान्य दुकान पर झालमुड़ी खाई, तो विपक्ष ने उसका मजाक उड़ाया, जिसे जनता ने गंभीरता से लिया। खंडेलवाल ने कहा कि झालमुड़ी बंगाल के हर वर्ग से जुड़ी है और उसका उपहास करना वहां की संस्कृति और आम लोगों का अपमान था। उन्होंने दावा किया कि जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया है।