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स्कूल शिक्षक की हत्या के मामले में परिजनों को मिलेंगे एक करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 28 Sep 2016 09:55 AM IST
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मृतक अध्यापक
- फोटो : अमर उजाला
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नांगलोई एसपी रोड स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक बाल विद्यालय के शिक्षक मुकेश कुमार के परिजनों को दिल्ली सरकार एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद के साथ अन्य सहायता भी देगी।
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कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दी है। मुकेश कुमार की 12वीं के छात्रों ने सोमवार को स्कूल की पहली मंजिल पर स्थित कक्षा में जाकर सहपाठियों के सामने चाकू मार दिया था जिससे अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी।
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। परिवार के लोगों को शिकायत थी कि प्रशासन व अस्पताल की लापरवाही रही है।
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शिक्षकों के मन में विश्वास लौटाने के लिए करना होगा काम
मनीष सिसोदिया
- फोटो : अमर उजाला
सिसोदिया ने बताया कि कम हाजिरी के कारण छात्र स्कूल से निष्कासित था। परीक्षा भी नहीं थी फिर भी स्कूल में प्रवेश कर गए। सिसोदिया ने मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ये खतरनाक घटना है।
सरकार, समाज और सबसे अधिक शिक्षक समाज में चिंता है। हर वर्ग के बच्चों को दाखिला देते हैं और पढ़ाते भी हैं। दो आपराधिक प्रवृत्ति के छात्रों की वजह से पूरे छात्र समाज को अपराधी नहीं माना जा सकता।
शिक्षकों में विश्वास और शिक्षक-छात्र के रिश्ते को बनाकर रखना है। लेकिन शिक्षकों के मन में डर है। समाज, राज्य या देश निर्माण के लिए शिक्षकों के मन में डर नहीं होना चाहिए। अगर शिक्षक डर गए तो समाज कैसे खड़ा होगा।
सिसोदिया ने कहा, अभिभावक व छात्रों को शिक्षकों के मन में विश्वास लौटाने के लिए काम करना होगा। शिक्षकों से बात करके यह संदेश देना होगा कि उनके लिए सम्मान है।
सरकार, समाज और सबसे अधिक शिक्षक समाज में चिंता है। हर वर्ग के बच्चों को दाखिला देते हैं और पढ़ाते भी हैं। दो आपराधिक प्रवृत्ति के छात्रों की वजह से पूरे छात्र समाज को अपराधी नहीं माना जा सकता।
शिक्षकों में विश्वास और शिक्षक-छात्र के रिश्ते को बनाकर रखना है। लेकिन शिक्षकों के मन में डर है। समाज, राज्य या देश निर्माण के लिए शिक्षकों के मन में डर नहीं होना चाहिए। अगर शिक्षक डर गए तो समाज कैसे खड़ा होगा।
सिसोदिया ने कहा, अभिभावक व छात्रों को शिक्षकों के मन में विश्वास लौटाने के लिए काम करना होगा। शिक्षकों से बात करके यह संदेश देना होगा कि उनके लिए सम्मान है।