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अंशु प्रकाश मारपीट मामले में सीएम केजरीवाल और डिप्टी सीएम के खिलाफ होगी चार्जशीट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 28 Jun 2018 12:05 PM IST
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केजरीवाल और अंशु प्रकाश
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दिल्ली के मुख्य सचिव अंशू प्रकाश से मारपीट मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है कि मुख्य सचिव से मारपीट मामले में केजरीवाल और सिसोदिया के खिलाफ चार्जशीट होगी।
सिसोदिया और केजरीवाल के साथ ही आम आदमी पार्टी के 11 नेताओं पर भी चार्जशीट होगी। इस तरह यह अपनी तरह का पहला मामला होगा जिसमें किसी राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पर चार्जशीट दायर होगी।
हालांकि किसी मुख्यमंत्री के आवास पर मुख्य सचिव के पद पर आसीन अफसर से मारपीट का भी यह पहला ही मामला है। गौरतलब है कि यह घटना 19 फरवरी 2018 की है जब रात करीब 12 बजे मुख्य सचिव को केजरीवाल के आवास पर राशन कार्ड व अन्य मुद्दों पर मीटिंग के लिए बुलाया था।
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अंशु प्रकाश का आरोप है कि इस दौरान कुछ आप नेता गुस्से में आ गए और उनके साथ हाथापाई की। उनका आरोप है कि इस पूरी घटना के दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया वहां मौजूद थे और वह तमाशा देखते रहे।
उस दिन के बाद से ही दिल्ली के अफसरों ने सरकार के मंत्रियों से मिलना बंद कर दिया है। वह दफ्तर तो आते हैं पर विधायकों या मंत्रियों की बैठक में नहीं पहुंचते। इसी के चलते केजरीवाल व उनके तीन सहयोगियों मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और गोपाल राय ने 10 दिनों तक एलजी दफ्तर में धरना भी दिया।
इस दौरान सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया तो आमरण अनशन पर भी रहे। जिसके बाद इनकी तबियत खराब होने पर इन दोनों को अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ा। केजरीवाल के इस धरने के विरोध में विपक्ष के नेता और आप के बागी नेता कपिल मिश्रा भी केजरीवाल के दफ्तर पर धरने पर बैठे रहे।
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सिसोदिया और केजरीवाल के साथ ही आम आदमी पार्टी के 11 नेताओं पर भी चार्जशीट होगी। इस तरह यह अपनी तरह का पहला मामला होगा जिसमें किसी राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पर चार्जशीट दायर होगी।
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हालांकि किसी मुख्यमंत्री के आवास पर मुख्य सचिव के पद पर आसीन अफसर से मारपीट का भी यह पहला ही मामला है। गौरतलब है कि यह घटना 19 फरवरी 2018 की है जब रात करीब 12 बजे मुख्य सचिव को केजरीवाल के आवास पर राशन कार्ड व अन्य मुद्दों पर मीटिंग के लिए बुलाया था।
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अंशु प्रकाश का आरोप है कि इस दौरान कुछ आप नेता गुस्से में आ गए और उनके साथ हाथापाई की। उनका आरोप है कि इस पूरी घटना के दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया वहां मौजूद थे और वह तमाशा देखते रहे।
उस दिन के बाद से ही दिल्ली के अफसरों ने सरकार के मंत्रियों से मिलना बंद कर दिया है। वह दफ्तर तो आते हैं पर विधायकों या मंत्रियों की बैठक में नहीं पहुंचते। इसी के चलते केजरीवाल व उनके तीन सहयोगियों मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और गोपाल राय ने 10 दिनों तक एलजी दफ्तर में धरना भी दिया।
इस दौरान सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया तो आमरण अनशन पर भी रहे। जिसके बाद इनकी तबियत खराब होने पर इन दोनों को अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ा। केजरीवाल के इस धरने के विरोध में विपक्ष के नेता और आप के बागी नेता कपिल मिश्रा भी केजरीवाल के दफ्तर पर धरने पर बैठे रहे।