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रक्षा मंत्रालय से जुड़े हैं दस्तावेज चोरी के तार

Wed, 25 Feb 2015 01:15 PM IST
Updated Wed, 25 Feb 2015 01:15 PM IST
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In case of theft of confidential document government departments responsible

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पेट्रोलियम मंत्रालय से गोपनीय दस्तावेज चोरी मामले में एक और गिरफ्तार की है। क्राइम ब्रांच ने रक्षा मंत्रालय के अस्थाई कर्मचारी वीरेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक दर्ज दो एफआईआर में 14 गिरफ्तारी हो चुकी है।

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वीरेन्द्र ने रक्षा मंत्रालय के ऑडिट विभाग के कागजात चुराने वाले लालता प्रसाद को कागजात चुराकर दिए थे। इसके अलावा पेट्रोलियम, कोयला और उर्जा आदि मंत्रालयों के कई कर्मचारियों की भूमिका सामने आ रही है। पुलिस पांच से ज्यादा कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने आरोपी को मंगलवार केअदालत में पेश किया। अदालत ने उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त गिरफ्तार आरोपी वीरेन्द्र सिंह (31) रक्षा मंत्रालय के ऑडिट विभाग में वर्ष 2010 से अस्थाई कर्मचारी था। ये विभाग कैग की देखरेख में काम करता है। गौरतलब है कि अमर उजाला ने सबसे पहले इस बात को प्रकाशित किया है कि गोपनीय दस्तावेज चुराने वाले गिरोह की आंच कैग तक पहुंच गई है और कैग के अस्थाई कर्मचारी वीरेन्द्र को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के कुछ घंटों बाद ही दिल्ली पुलिस ने मंगलवार सुबह वीरेंद्र को गिरफ्तार करने की पुष्टि कर दी।

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ये शख्स उपलब्ध कराता था फर्जी कागजात

In case of theft of confidential document government departments responsible

पुलिस का कहना है कि वीरेन्द्र ने लालता प्रसाद को रक्षा मंत्रालय का फर्जी परिचय पत्र उपलब्ध कराया था। इस पर लालता प्रसाद ने अपने परिचय पत्र बना लिया था। वीरेन्द्र पर ये भी आरोप है कि उसने रक्षा मंत्रालय के खाली लैटरहैड आदि कागजात रामकुमार चौबे (सबसे पहले गिरफ़्तार आरोपी) को उपलब्ध कराए थे।


रामकुमार चौबे ने इन लैटरहैड का प्रयोग एक गाड़ी का मंत्रालय द्वारा किराए पर लिए जाने का फर्जी समझौता तैयार करने के लिए प्रयोग किया था, ताकि  गाड़ी मंत्रालय के अंदर आसानी से चली जाए।

ये लगे कि डायरेक्टर ऑफ ऑडिट डिफेंस सर्विसेज में गाड़ी सरकारी ड्यूटी पर लगी हुई है। इन कागजों से ये दिखाया गया था कि रक्षा मंत्रालय का मै. धर्मसिंह ट्रेवल सर्विस से गाड़ी का समझौता हुआ है।

मंत्रालयों के कई कर्मचारियों की भूमिका आ रही है सामने

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क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार मंत्रालयों से कागजात चुराने में और भी कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है। इनमें पेट्रोलियम मंत्रालय में कार्यरत कमल किशोर, कोयला मंत्रालय में कार्यरत रामजीत, लालबाबू, उर्जा मंत्रालय में कार्यरत राम मेहतो और इमरीत हैं। ये सभी चतुर्थ श्रेणी केकर्मचारी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों से पूछताछ की जा रही है। इनमें से कुछ लोगों की जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है।


रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी मंगलवार दोपहर को चाणक्यपुरी स्थित क्राइम ब्रांच केऑफिस में पहुंचे। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ये देखने आए थे कि क्राइम ब्रांच के कितने संवेदनशील कागजात चोरी हुए है और आरोपियों के हाथ लग गए थे। आरोपियों केकब्जे से मिले गोपनीय दस्तावेजों को रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को दिखाया गया था।

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