दिल्ली में 47 अंक बढ़ा एक्यूआई, पराली से होने वाले प्रदूषण में भी बढ़ोतरी
दिल्ली में पिछले 24 घंटों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 286 दर्ज किया गया है। केंद्र सरकार की एजेंसी के अनुसार पराली जलाने से शनिवार को दिल्ली में 19 प्रतिशत प्रदूषण (पीएम 2.5) हुआ है। पराली जालने से शुक्रवार को दिल्ली में 18 प्रतिशत प्रदूषण दर्ज किया गया था। जबकि बुधवार को पराली से होने वाले प्रदूषण की मात्रा केवल एक प्रतिशत थी।
दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण में शुक्रवार बेशक पराली के धुएं का हिस्सा तेजी से बढ़ा है, लेकिन सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल बढने से गुणवत्ता में सुधार हुआ है। 24 घंटे में 73 अंकों की कमी के साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक 239 पर पहुंच गया। इस बीच दिल्ली की हवा बेहद खराब से खराब स्तर में पहुंच गई है। सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों में सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल तेज होने से प्रदूषण के स्तर में कोई बड़ा फेरबदल होने की आशंका नहीं है। गुणवत्ता खराब स्तर में ही बनी रहेगी।
सफर के मुताबिक, बृहस्पतिवार को पंजाब, हरियाणा व सीमावर्ती इलाकों में पराली जलाने के करीब 583 मामले दर्ज हुए। इस दौरान दिल्ली पहुंचने वाली हवाओं की दिशा में पश्चिम की तरफ से थी। इससे दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं की मात्रा तेजी से बढ़ी। पीएम 2.5 का हिस्सा बृहस्पतिवार के 6 फीसदी की तुलना में शुक्रवार को 18 फीसदी तक पहुंच गया। इस सीजन में पराली का धुंआ सबसे ज्यादा दिल्ली पहुंचा है। बावजूद इसके हवा की गुणवत्ता में सुधार आया है।
सीपीसीबी की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 239 रिकार्ड किया गया। जबकि 24 घंटे पहले बृहस्पतिवार को यह 312 पर चला गया था। विशेषज्ञों का आकलन है कि प्रदूषण के स्तर में गिरावट की बड़ी वजह सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल का बढना है। तेज रफ्तार हवाओं ने दिल्ली के प्रदूषण को दूर-दूर तक ले जाने में मदद की। इससे प्रदूषक दिल्ली की सतह पर जमा नहीं सके। नतीजा प्रदूषण स्तर में गिरावट में दर्ज किया गया।
अगले दो दिनों में हालात में बड़ा बदलाव नहीं
सफर का पूर्वानुमान है कि शनिवार व रविवार को सतह पर चलने वाली हवा की चाल में कोई बदलाव नहीं आएगी। इससे प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में बना रहेगा। इस बीच अगर पराली के धुंए की मात्रा तेजी से बढ़ती है और ट्रांसपोर्ट लेवल विंड अनुकूल हाती है तो दिल्ली की आबोहवा में खराबी आने का अंदेशा है।
राघव चड्ढा ने कहा, पर्यावरण में जहर घोल रहा भाजपा शासित निगम
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने किराड़ी विधानसभा में नगर निगम द्वारा कूड़ा जलाने की जानकारी देते हुए भाजपा शासित निगम पर दिल्ली में जहर घोलने का आरोप लगाया है। स्थानीय विधायक ऋतुराज गोविंद ने भी निगम पर रिहायशी इलाकों को प्रदूषित करने का आरोप लगाया है।
प्रेसवार्ता कर चड्ढा ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन भाजपा शासित निगम को लोगों की फिक्र नहीं है। किराड़ी विधानसभा के रिहायशी इलाकों में काफी लोग रहते हैं, जबकि निगम द्वारा वहां कूड़ा जलाने से जहर हवा में घुल रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण भाजपा शासित निगम पर प्रदूषण फैलाने को लेकर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। क्या निगम को केंद्र से भी राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है? चड्ढा ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय को भी सूचना दे दी है, जिससे दोषी विभागों पर कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि पहले ही पड़ोसी राज्य पराली को जलाकर पर्यावरण को प्रदूषित करने के साथ मरीजों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसके तहत थर्मल पावर प्लांट को बंद करने के साथ डीजल-पेट्रोल जनरेटर पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के नियमों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि इस मामले में तुरंत संज्ञान लें। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण से भी निवेदन करते हुए नियमों के उल्लंघन को लेकर निगम पर कार्रवाई करने की मांग की।