{"_id":"5d462c5a8ebc3e6d1d71dd9a","slug":"impact-of-news-improvement-in-the-loknayak-hospital-situation-after-dg-health-rebukes","type":"story","status":"publish","title_hn":"खबर का असरः अस्पताल का गेट बंद करने वाले लोकनायक में सुधार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खबर का असरः अस्पताल का गेट बंद करने वाले लोकनायक में सुधार
Sun, 04 Aug 2019 06:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 04 Aug 2019 06:22 AM IST
विज्ञापन
लोकनायक अस्पताल
- फोटो : social media
डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से लोकनायक अस्पताल के गेट बंद होने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आनन फानन में स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. अशोक कुमार ने अस्पताल प्रबंधन को तत्काल वैकल्पिक चिकित्सीय व्यवस्था बनाने का आदेश दिया।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि विभाग से आदेश मिलने के कारण ही लोकनायक और जीबी पंत अस्पताल में शनिवार सुबह मरीजों को ओपीडी में थोड़ी बहुत राहत जरूर मिली। साथ ही आपातकालीन सेवाएं भी सुचारु रूप से चलती मिलीं।
विज्ञापन
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार रेजीडेंट डॉक्टरों की अनुपस्थिति में वरिष्ठ डॉक्टरों को ओपीडी में तैनात कर दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सोमवार से मरीजों को दिक्कतें नहीं होंगी। हालांकि उन्होंने अस्पताल के गेट बंद किए जाने पर कोई जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
उधर शनिवार को दिल्ली के कुछ सरकारी अस्पतालों में थोड़ी राहत जरूर देखने को मिली। जीबी पंत, डीडीयू, लोकनायक अस्पताल में डॉक्टरों ने सुबह 2 घंटे के लिए ओपीडी में मरीजों का उपचार किया। वहीं आपातकालीन विभाग में भी डॉक्टर वापस लौट आए हैं लेकिन इनका कहना है कि सोमवार से फिर वे हड़ताल पर होंगे।
हालांकि अब डॉक्टर ओपीडी और ऑपरेशन से ही दूर रहेंगे। जबकि आपातकालीन विभाग में उपचार मिलता रहेगा। रेजिडेंट डॉक्टर डीडीयू के अध्यक्ष डॉ. असगर अली ने कहा कि एनएमसी बिल में ब्रिज कोर्स का वे लोग विरोध करते हैं और करते रहेंगे। शनिवार सुबह सिर्फ दो घंटे के लिए ओपीडी चलाई गई।