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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   IIT Delhi students have put their protest on hold pending the investigation report.

Delhi NCR News: आईआईटी दिल्ली के छात्रों ने जांच रिपोर्ट आने तक प्रदर्शन पर लगाई रोक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2026 07:43 PM IST
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-23 अगस्त से जारी प्रदर्शन पर फिलहाल रोक, छात्रों ने कहा आंदोलन खत्म नहीं, जांच रिपोर्ट तक सिर्फ विराम
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली कैंपस में एम.एससी छात्र ऋषिकेश की खुदकुशी के बाद विभिन्न मांगों को लेकर 23 अगस्त से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों को छात्रों ने जांच रिपोर्ट आने तक रोकने का फैसला लिया है। यह निर्णय 29 अगस्त देर रात तक छात्रों की चली बैठक के बाद लिया गया। जांच रिपोर्ट के पांच सितंबर तक आने की संभावना जताई जा रही है। इस पूरे मामले की जांच के लिए आईआईटी दिल्ली प्रशासन ने दिल्ली हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। इस समिति में एम्स के मनोचिकित्सक विभाग के डॉक्टर से लेकर छात्र प्रतिनिधि और रजिस्ट्रार को भी शामिल किया है। बता दें कि छात्रों के प्रदर्शन को लेकर आईआईटी दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी ने ईमेल लिखकर चेतावनी दी थी कि संस्थान परिसर के शांतिपूर्ण संचालन में बाधा डालने वाले व्यक्तियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। जिसमें आवासीय क्षेत्र, कक्षाएं, शैक्षणिक और अन्य गतिविधियां शामिल है। संस्थान के वातावरण को बनाए रखने में सहयोग करें।

गुरुवार को हुए प्रदर्शन के बाद दी थी निदेशक ने चेतावनी

दरअसल, गुरुवार रात को हुए प्रदर्शन के दौरान छात्र आवासीय क्षेत्र तक पहुंच गए और संकाय आवास के बाहर जुटकर विरोध दर्ज कराया था। साथ ही प्रदर्शनकारी समूह पर अभद्र, अपमानजनक और धमकी भरे नारों के इस्तेमाल का भी आरोप लगा था। जिसके बाद आईआईटी निदेशक ने ईमेल लिखा था। हालांकि प्रदर्शनकारी छात्रों ने नारेबाजी सहित सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि 22 अगस्त को ऋषिकेश के खुदकुशी मामले में बाहरी जांच समिति के गठन और छात्रों की प्रमुख मांगों पर प्रशासन की सहमति के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने फिलहाल जमीनी स्तर पर चल रहा विरोध-प्रदर्शन रोकने का फैसला किया है। यह आंदोलन की समाप्ति नहीं बल्कि बाहरी जांच समिति की रिपोर्ट आने तक जमीनी लामबंदी पर विराम है।
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खामियों को जांच समिति के समक्ष रखेंगे

छात्रों के मुताबिक बाहरी जांच समिति के गठन की मांग प्रशासन ने स्वीकार कर ली है। समिति के अध्यक्ष और छात्र सदस्यों के नामांकन में भी प्रदर्शनकारी छात्रों की भूमिका स्वीकार की गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि समिति के दायरे में ऋषिकेश की मौत से जुड़े हालात की जांच शामिल होगी। उनका अगला फोकस संस्थान की मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था और उससे जुड़े प्रोटोकॉल में रही खामियों को जांच समिति के सामने रखना होगा। इसके लिए छात्र सामूहिक रूप से साक्ष्य और दस्तावेज समिति तथा प्रशासन को सौंपेंगे।
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मुआवजे से ज्यादा छात्र आवास की मांग

छात्रों के अनुसार ऋषिकेश की मां ने आर्थिक मुआवजा लेने से इनकार करते हुए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे छात्रों के लिए परिसर में रहने की व्यवस्था पर विचार करने को कहा है। प्रशासन ने इस सुझाव पर विचार करने और ऋषिकेश की स्मृति को परिसर में संरक्षित करने की बात कही है। छात्रों ने कहा है कि इस मुद्दे पर आगे की बातचीत परिवार, मित्रों और प्रशासन के बीच ही रखी जाएगी। इसके अलावा डीन स्टूडेंट अफेयर्स, एसोसिएट डीन हॉस्टल मैनेजमेंट और एसोसिएट डीन स्टूडेंट वेलफेयर के इस्तीफें की मांग थी। इसमें डीन स्टूडेंट अफेयर्स और एसोसिएट डीन हॉस्टल मैनेजमेंट के कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई नियुक्ति कर ली गई है।


अब निगाह जांच रिपोर्ट पर

छात्रों का कहना है कि जमीनी आंदोलन रोकने का फैसला बाहरी जांच समिति की रिपोर्ट सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ साझा किए जाने तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद रिपोर्ट और उसके निष्कर्षों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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