छात्रों का तनाव होगा दूर: मनपसंद नौकरी नहीं मिलने पर न लें टेंशन, 'रिचार्ज जोन' से दिमाग होगा फ्रेश
आईआईटी बॉम्बे ने कैंपस प्लेसमेंट सत्र का तनाव भगाने के लिए रिचार्ज जोन नाम से थेरेपी केंद्र बनाया है। जहां मनपसंद नौकरी न मिलने की टेंशन को योग, कला, पेट, स्पा से दूर किया जा रहा है।
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देश में पहली बार आईआईटी बॉम्बे ने कैंपस प्लेसमेंट का तनाव दूर करने के लिए थेरेपी का प्रयोग किया है। जेईई एडवांस के टॉपर्स के पसंदीदा संस्थान आईआईटी बॉम्बे ने कैंपस प्लेसमेंट सत्र का तनाव दूर करने के लिए प्लेसमेंट सेल के बाहर रिचार्ज जोन नाम से थेरेपी केंद्र बनाया है। यहां इंटरव्यू देकर आने वाले छात्रों का योग, आर्ट थेरेपी, पेट थेरेपी और स्पा के माध्यम से तनाव दूर किया जा रहा है। आईआईटी बॉम्बे की यह सकारात्मक पहल छात्रों को बेहद पसंद आ रही है। यही कारण है कि अब अन्य आईआईटी प्रबंधन भी अपने कैंपस में छात्रों का तनाव दूर करने के लिए आईआईटी बॉम्बे से थेरेपी आइडिया पर जानकारियां मांग रहे हैं।
आईआईटी बॉम्बे के स्टूडेंट वेलनेस सेंटर के एक्टिंग इंचार्ज शोकत अली ने बताया कि सभी आईआईटी में एक दिसंबर से कैंपस प्लेसमेंट सत्र शुरू हुआ है। कैंपस प्लेसमेंट के दौरान अक्सर छात्र इंटरव्यू के बाद बेहद तनाव में आ जाते हैं। उनका यही तनाव दूर करने के लिए आईआईटी बॉम्बे ने कैंपस के अंदर ही प्लेसमेंट सेल के बाहर रिचार्ज जोन नाम से थेरेपी सेंटर बनाया है। यहां पर चार माध्यमों से थेरेपी दी जा रही है, जिसमें योग, आर्ट, पेट और स्पा है। छात्र अपनी पसंद के आधार पर थेरेपी चुन सकते हैं। छात्रों को यह बेहद पसंद आ रही है। वे मानते हैं इस थेरेपी से उनका तनाव दूर हो रहा है।
पेट थेरेपी सबसे अधिक कारगर
पेट थेरेपी सबसे अधिक कारगर साबित हो रही है। यहां पर खास थेरेपी के लिए प्रशिक्षित डॉग यानी कुत्ते छात्रों का तनाव दूर करने में मदद कर रहे हैं। जैसे ही कोई छात्र आता है कुत्ते उसका हावभाव देखकर वैसे ही उसके पास पूंछ हिलाते हुए जाते हैं और गले लग जाते हैं। इसके अलावा यह प्रशिक्षित डॉग बिना नुकसान छात्रों के साथ खेलते भी हैं। इससे छात्र एकदम से तनाव से सामान्य हो जाते हैं। इसके अलावा कुछ छात्र कैनवास पर अपने भावों को उकेरते हुए उन्हें रंगों से भर रहे हैं। वहीं, कुछ योग तो अन्य पैरों और पीठ की मसाज करवाकर तनाव करवा रहे हैं।
मसाज से छात्रों को नई उम्मीद दे रहे दृष्टिबाधित
थेरेपी केंद्र में पैरों और पीठ की मसाज का भी विकल्प है। यह मसाज करने वाले पेशेवर दृष्टिबाधित हैं। जब छात्र इंटरव्यू में मनपसंद नौकरी और पैकेज न पाने के कारण तनाव के साथ इन दृष्टिबाधित पेशेवरों को काम करते हुए देखते हैं तो एकदम से सामान्य हो रहे हैं। दरअसल, दृष्टिबाधित होने के बाद भी वह मेहनत के दम पर अपनी पहचान बना रहे हैं। यह छात्रों को संदेश देते हैं कि इस प्लेसमेंट के बाद भी आगे दुनिया है, जहां उन्हें अपनी काबिलियत से दोबारा कुछ नया करने का मौका मिलेगा।
दिन-रात चल रहा कैंपस प्लेसमेंट राउंड
सभी आईआईटी में एक दिसंबर से एक साथ कैंपस प्लेसमेंट सत्र शुरू हुआ है। आईआईटी में यह कैंपस प्लेसमेंट सत्र रात-दिन लगातार चलता है, जिसमें देशी-विदेशी कंपनियां अपनी सुविधानुसार प्लेसमेंट में छात्रों का इंटरव्यू समेत पढ़ाई के आधार पर चयन करके बीटेक छात्रों को डिग्री से पहले ऑफर लेटर दे रही हैं। कंपनियों की ओर से कई छात्रों को मल्टीपल यानी एक से अधिक नौकरी के लिए ऑफर लेटर भी दिए जा रहे हैं। ऑफर लेटर में लाखों से लेकर करोड़ों रुपये के सालाना पैकेज शामिल हैं।