घंटों की दूरी मिनटों में होगी: नोएडा से IGI एयरपोर्ट होगा सिग्नल फ्री, फर्राटा भरेंगे वाहन; आखिरी अड़चन दूर
लगातार हो रही देरी से प्रोजेक्ट की लागत में करीब 47 फीसदी का इजाफा भी हुआ। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उपराज्यपाल ने प्रोजेक्ट जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश दिया है।
विस्तार
नोएडा से आईजीआई एयरपोर्ट के बीच जल्द ही वाहन फर्राटा भरेंगे। 20 किमी लंबा कॉरिडोर सिग्नल फ्री होगा। इस प्रोजेक्ट के आखिरी हिस्से की अड़चन दूर हो गई है। सराय काले खां को मयूर विहार फेज-1 से जोड़ने वाले बारापूला फेज-3 के लिए जमीन अधिग्रहण को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंजूरी दे दी है। यमुना खादर में नंगली राजापुर गांव के नजदीक जमीन अधिग्रहण होने के बाद प्रोजेक्ट में तेजी आएगी। इसके तैयार होने के बाद मयूर विहार फेज-1 से आईएनए के बीच बारापूला के तीनों कॉरिडोर (बारापूला फेज-1, 2 और 3) आपस में जुड़ जाएंगे। वहीं, आईएनए से आईजीआई तक भी कोई सिग्नल नहीं है। इससे पूरा सफर बगैर रेड लाइट के तय होगा।
दरअसल, कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान खेल गांव से जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम तक खिलाड़ियों की आवाजाही सिग्नल फ्री बनाने के लिए बारापूला नाले के ऊपर एलीवेटेड रोड बनाई गई थी। खेलों के बाद इसका विस्तार आईएनए तक कर दिया गया। दूसरा फेज पूरा होने के बाद पूर्वी दिल्ली समेत नोएडा की आवाजाही बेहतर करने के लिए इसे मयूर विहार फेज-1 से जोड़ने की योजना तैयार हुई। प्रोजेक्ट 2017 में पूरा होना था, लेकिन अलग-अलग वजहों से प्रोजेक्ट की रफ्तार धीमी रही। अधिकारी बताते हैं कि फिलहाल खादर का भूखंड अड़चन बना हुआ था।
लगातार हो रही देरी से प्रोजेक्ट की लागत में करीब 47 फीसदी का इजाफा भी हुआ। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उपराज्यपाल ने प्रोजेक्ट जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश दिया है। उम्मीद है कि अगले छह महीने में इसे पूरा भी कर लिया जाएगा। इसके तैयार होने के बाद रोज नोएडा व पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली, धौला कुआं व आईजीआई एयरपोर्ट के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। वह आसानी से अपनी मंजिल तक जा सकेंगे हैं। पीक आवर के लंबे जाम से राहत मिलेगी।
एलजी ने जताई नाराजगी, होगी कार्रवाई
प्रोजेक्ट में हुई देरी पर उपराज्यपाल ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट का काम आवश्यक भूमि पार्सल के बिना शुरू किया गया। अधिकारियों ने इस दिशा में कोई ठोस प्रयास भी नहीं किया। उपराज्यपाल ने कहा कि जमीन पर कब्जा न होने, भविष्य में प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन में जोखिम होने के बावजूद इसके निर्माण में कई करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने प्रोजेक्ट के नियोजन चरण से लेकर अब तक ऐसे व्यक्तियों, अधिकारियों, इंजीनियर्स की पहचान करने को कहा है। ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। साथ ही रिपोर्ट सौंपने को कहा। साथ ही मुख्य सचिव को भी निर्देश दिए कि आगे देरी न हो, यदि होती है तो कार्रवाई होगी। साथ ही इस मुद्दे को मुख्यमंत्री व प्रभारी मंत्री के संज्ञान में लाने को भी कहा।
पहला चरण 2010 में हुआ पूरा
बारापूला एलिवेटेड रोड परियोजना का पहला चरण 2010 में पूरा कर लिया गया था, जिसके विस्तार की योजना वर्ष 2015 में बनाई गई। इस विस्तार को 2017 में पूरा किया जाना था, लेकिन भूमि के छोटे पार्सल का अधिग्रहण न होने की वजह से 6 वर्ष से अधिक की देरी हुई। भूमि के अधिग्रहण के लिए उपराज्यपाल ने क्षेत्र में कई दौरे किए।
घंटों की दूरी मिनटों में होगी पूरी
आईएनए से नोएडा आने-जाने वालों को सिग्नल फ्री कॉरिडोर देने के लिए तैयार हो रहा 3.5 किमी लंबा कॉरिडोर बनने के बाद घंटों की दूरी कुछ मिनटों में पूरी हो जाएगी। अभी इस रूट पर लंबा जाम लगता है। इस जाम से बचने के लिए लोगों को दूसरे रूट का सहारा लेना पड़ता है, जो काफी लंबा है।