फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   If the police administration will be worthless Awladen elderly 'sticks'

औलादें हैं नालायक तो पुलिस बनेगी बुजुर्गों की ‘लाठी’

Sat, 21 Mar 2015 11:28 PM IST
अरीश रिज़वी/अमर उजाला, गाजियाबाद
अरीश रिज़वी/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sat, 21 Mar 2015 11:28 PM IST
विज्ञापन
If the police administration will be worthless Awladen elderly 'sticks'

शनिवार सुबह सिहानी गेट कोतवाली पहुंचे एक बुजुर्ग ने बेटों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। कहा कि उनके बेटे उन्हें पागल कहते हैं। परेशान करते हैं। वे दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।

विज्ञापन


पुलिस ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देकर टरका दिया। ये कहानी इस अकेले बुजुर्ग की नहीं है, ऐसे कितने ही मामले हर रोज पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के पास आते हैं।
विज्ञापन


लेकिन उन्हें राहत नहीं मिलती। मिलता है तो सिर्फ आश्वासन। लेकिन अगर औलादें नालायक निकल गई हैं तो अब पुलिस-प्रशासन बुजुर्गों की ‘लाठी’ बनेगा। उन्हें गुजारा भत्ता दिलाने में मदद करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूपी सरकार ने इसके लिए नियमावली बना दी है। इसके लिए तहसील से लेकर जिला स्तर पर अपीलीय अधिकरण के गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस फैसले से इन बुजुर्गों को राहत मिलेगी। गाजियाबाद में भी ऐसे बुजुर्गों की कमी नहीं है, जिन्हें औलादों ने घर से निकाल दिया है या परेशान करते हैं।

पिछले एक साल में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के पास ऐसी 113 शिकायतें आई हैं, जिनमें माता-पिता ने बेटों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। इससे पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी इत्तेफाक रखते हैं कि ऐसे भी बहुत मामले हैं, जिनमें बुजुर्ग शिकायत भी नहीं कर पाते हैं।


ये लिया गया निर्णय
- भरण-पोषण अधिकरण एवं अपीलीय अधिकरण के गठन का आदेश जारी किया गया।
- मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश भेजे।
- यदि कोई लड़का या लड़की अपने माता-पिता को घर से निकाल देता है और उसके रहने के लिए कोई सहारा नहीं होता है तो अधिकरण मामले की सुनवाई का गुजारा भत्ता तय करा सकती है।
- गुजारा भत्ता 10,000 रुपये महीने तक भी हो सकता है
- तहसीलों में उप खंड अधिकारी और जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में अपीलीय अधिकरण का गठन किया जाएगा।
- अधिकरण मामले की सुनवाई करने के बाद बुजुर्गों को न्याय दिलाएगा।
- जिला समाज कल्याण अधिकारियों को इसके लिए भरण-पोषण अधिकारी नामित किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed