फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   If party loose LS election tickets of aap mla could be cut 

सियासतः पार्टी हारी तो कट सकते हैं आप विधायकों के टिकट

Thu, 16 May 2019 06:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा संतोष कुमार, नई दिल्ली
संतोष कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 16 May 2019 06:08 AM IST
विज्ञापन
If party loose LS election tickets of aap mla could be cut 
demo pic - फोटो : SELF

लोकसभा चुनाव का परिणाम आम आदमी पार्टी विधायकों के सियासी भविष्य का भी फैसला करेगा। पार्टी अपने विधायकों की किस्मत का फैसला विधानसभा क्षेत्र में मिले वोटों के आधार पर करेगी। 

विज्ञापन


पार्टी सूत्र बताते हैं कि जिस विधायक के इलाके में पार्टी हारेगी, फरवरी 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में उसका टिकट कट सकता है। इस मामले में पार्टी अपने मंत्रियों को भी बख्शने के मूड में नहीं है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी ने इसका संकेत भी अपने विधायकों को दे दिए थे। 
विज्ञापन


लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद से ही आप दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएगी। इसकी वजह यह है कि दिल्ली चुनाव से ही पार्टी का भविष्य निश्चित होगा। दिल्ली से सरकार जाने की हालत में पार्टी को खुद को संभालना मुश्किल हो सकता है। लिहाजा पार्टी बेहद संजीदगी से विधानसभा की मुहिम आगे बढ़ाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसकी शुरुआत आप विधायकों के प्रदर्शन से होगी। इस दौरान देखा जाएगा कि किस-किस विधायक की विधानसभा में पार्टी ने जीत हासिल की और कहां जीतने भर के वोट नहीं मिले। जीत दिलाने वाले विधायक का टिकट पक्का होगा, जबकि हारने वाले विधायकों को चुनावी मैदान से हटा दिया जाएगा।

पार्टी सूत्र बताते हैं कि जिन विधानसभाओं को आप को कांग्रेस व भाजपा से कम वोट मिले हैं, विधानसभा चुनाव में उनका टिकट कटना तकरीबन पक्का है। वहीं, संबंधित विधानसभा में हार-जीत का आंकड़ा बहुत करीब होने पर ही विधायक को दोबारा टिकट देने पर विचार होगा। इसके उलट जिस विधानसभा में ज्यादा अंतर से पार्टी हारेगी, उसके विधायक का टिकट कट सकता है। 

सूत्रों की मानें तो इस मामले में आप अपने कैबिनेट रैंक के मंत्रियों को ढील देने के मूड में नहीं है। पार्टी एक ही पैमाने पर सभी विधायकों के प्रदर्शन का आकलन करेगी।

पार्टी नेतृत्व ने इसका संकेत लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान ही अपने विधायकों को दे दिया था। पार्टी का निर्देश था कि हर विधायक अपने-अपने इलाकों में जीत तय करें। संबंधित विधानसभा में विधायक को ही प्रचार अभियान की कमान सौंपी गई है। 


पार्टी का मानना है कि बावजूद इसके अगर कोई विधायक अपनी सीट पर जीतने लायक आंकड़ा नहीं पार कर सका तो आठ महीने बाद फरवरी 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उसकी दावेदारी कमजोर होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed