राम रहीम के सत्संग भवन में जाने से रोका तो छोड़ दिया पति, ले लिया तलाक
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कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला ने राम रहीम के सत्संग भवन में जाने से रोकने पर पति के साथ रहने से इंकार कर दिया। पति-पत्नी की लड़ाई गांव में हुई पंचायत में पहुंचने पर दोनों ने अलग-अलग रहने की इच्छा जताई।
इस पर पंचायत ने भी दोनों को अलग-अलग रहने की अनुमति दे दी। पंचायत में पति को ढाई लाख रुपये की रकम पत्नी को देने का फैसला सुनाया। इस पर पति ने तुरंत रकम पत्नी को सौंप दी। पंचायत में फैसले के बाद कचहरी पहुंचकर कानूनी रुप से दोनों अलग-अलग हो गए। दोनों की शादी दो साल पूर्व हुई थी। उधर, पुलिस ने इस मामले से अनभिज्ञता जताई है।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला राम रहीम की अनुयायी थी। वह अक्सर सिरसा और वरनावा सत्संग भवन में जाती थी। दो साल पूर्व ही नजदीक के ही एक गांव के शादी हुई थी।
शादी से पहले भी जाती थी सत्संग भवन
शादी के बाद भी वह पति की अनुमति लेकर समय-समय पर सत्संग भवन जाती थी। हाल ही में रेप केस में राम रहीम को सजा होने के बाद पति ने पत्नी को साफ फैसला सुना दिया कि भविष्य में राम रहीम के सत्संग भवन में जाने की कोई जरूरत नहीं है। इस पर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई।
इस पर पत्नी ने सत्संग भवन में जाने से रोकने वाले पति से अलग रहने की इच्छा जताई और मायके चली गई। बाद में दोनों की सुलह के लिए गांव में पंचायत हुई। पंचायत में पति-पत्नी ने अपने-अपने तर्क दिए और अलग-अलग रहने की इच्छा जताई।
पंचायत ने शादी के खर्च की रकम ढाई लाख रुपये देने के लिए पति से कहा तो पति ने तुरंत रकम पत्नी को सौंप दी। बाद में कचहरी पहुंचकर कानूनी रुप से भी पति पत्नी अलग-अलग हो गए।
कोतवाल पंकज लवानिया ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। इस संबंध में कोतवाली में कोई तहरीर नहीं आई है। अगर तहरीर आयेगी तो मामले की जांच पड़ताल कराई जायेगी।