अनाज मंडी अग्निकांडः संजय सिंह ने एमसीडी तो गोयल ने दिल्ली सरकार को ठहराया जिम्मेदार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के अग्निकांड में जान गंवाने वालों की चिता की राख बेखक ठंडी नहीं हो पाई हो, लेकिन हादसे पर सियासत गरमा गई है। चुनावी मोड़ में चल रहे नेता एक-दूसरे पर हमला बोलने से बाज नहीं आए। भाजपा ने इसके लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार बताया, जबकि दिल्ली सरकार व आम आदमी पार्टी ने इसकी जिम्मेदारी भाजपा शासित एमसीडी पर डाली।
रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी इलाके का मुआयना करने पहुंचे भाजपा सांसद विजय गोयल ने कहा कि दिल्ली में हादसे आम हो गए हैं। हर हादसे के बाद जांच बैठती है, उसकी रिपोर्ट आती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। इन फैक्ट्रियों को वैकल्पिक प्लॉट देना था, लेकिन दिल्ली सरकार ने इस दिशा में कुछ नहीं किया। सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
विजय गोयल का बयान आने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) हमलावर हो गई। आप सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा ने लाशों पर सियासत शुरू कर दी है। निगम के भाजपा नेता खुद बता रहे हैं कि फैक्ट्री का लाइसेंस नहीं है। अवैध फैक्ट्री एमसीडी ने चलने कैसे दी। भाजपा वालों को इसका जवाब देना चाहिए। संजय सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा है कि मामले की जांच होगी, जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
अपने दायित्व से नहीं बच सकती दिल्ली सरकार : गोयल
भाजपा सांसद विजय गोयल ने 43 लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुखद घटना है। सबक नहीं लिया तो और भी ऐसे हादसे होंगे।
दिल्ली में अग्निकांड की घटनाएं लगातार हो रही हैं। ऐसा लगता है कि पूरी दिल्ली आग के मुहाने पर बैठी है और ऐसे बहुत से इलाके हैं जहां इसी प्रकार की फैक्ट्रियां चल रही हैं, जहां फायर ब्रिगेड तक नहीं जा सकती है। गोयल ने कहा कि केवल 10-10 लाख मुआवजा देने और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देने से दिल्ली सरकार अपने दायित्व से नहीं बच सकती है।
दिल्ली में कानून व्यवस्था चरमरा गई है और विकास की योजनाएं ठप होने के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं। दिल्ली सरकार बताए कि पांच साल में इससे निपटने के लिए क्या योजना बनाई गई थी। सुझाव देते हुए गोयल ने कहा कि पुरानी दिल्ली में जितनी भी बिजली की नंगी तारें गुच्छो में लटक रही हैं उन्हें व्यवस्थित और अंडरग्राउंड किया जाना चाहिए। फायर की एनओसी देने में घूसखोरी बंद होनी चाहिए। दिल्ली सरकार फायर उपकरण सस्ती दरों पर उपलब्ध कराएं।